दरभंगा : बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल में बर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो दबंगो के बीच बुधवार की रात हुई गोलीबारी में एक पक्ष के एक युवक को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे डीएमसीएच में भर्ती कराया गया। जहां से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
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पुलिस ने दूसरे पक्ष के रोड़ेबाजी में घायल हुए एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव के अनिल सिंह और मनोज ठाकुर के बीच लंबे दिनों से बर्चस्व की लड़ाई चल रहा था। जिसमें मनोज ठाकुर की मां का बरसी 4 दिन पूर्व हुआ था। उसमें अनिल सिंह सहित परिवार के पांच पाटीदारों को छोड़कर शेष पूरे गांव के लोगों को भोज पर आमंत्रित किया गया था। इसे लेकर अंदर ही अंदर बहिष्कृत किए जाने से दोनों परिवारों में अनबन चल रहा था। इस बीच मनोज ठाकुर के तीन-चार समर्थक सड़क पर बिना नाम लिए गाली दे रहे थे। जिसे अनिल सिंह का ममेरा भाई छोटू सिंह ने ठोकते हुए कहा यहां कोई आदमी है नहीं तो किसे गाली दे रहे हो औकात है तो नाम लेकर गाली दो। इसी बात को लेकर दोनों तरफ से कहासुनी हुई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में जम कर रोड़ेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद घटना गोलीबारी में तब्दील हो गई।

अनिल सिंह की ओर से दर्जनों राउंड फायरिंग करने का आरोप है। जिसमें मनोज ठाकुर पर गोली चलाई गई पिता को बचाने के उद्देश्य मनोज ठाकुर का पुत्र शैलेश ठाकुर उर्फ बिट्टू दौड़कर अपनी ओर खींच लिया। जिसमें एक गोली शैलेश के बाएं हाथ में लग गई। काफी मशक्कत के बाद शैलेश को डीएमसीएच लाया गया। जहां हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गया। जिसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेज दिया गया। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से पथराव और फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दरभंगा-समस्तीपुर पथ लगभग 1 घंटे तक ठप्प हो गया जो गाड़ी जहां थी वहीं रुक गई। इधर घटना से मनोज ठाकुर के समर्थक लोग आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते दोनों गुटों के तरफ से रोड़ेबाजी होने लगी। जिसमें अनिल सिंह के तरफ से दर्जनों पेट्रोल बम का इस्तेमाल कर लोगों को भगाने की बात कही गई है। साथ अपने घर से लगातार फायरिंग करने को कहा जा रहा है। दोनों दबंगों का घर आमने सामने स्थित है। मौके पर पहुंची पुलिस अनिल सिंह के पुत्र कुंदन सिंह को जख्मी हाल में गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटनास्थल से राइफल की 10 खोखा बरामद की गई है। अनिल सिंह के घर के कमरा से एक और घर के पीछे से एक तलवार बरामद की गई है।
साथ ही विभिन्न ड्रामों में रखे लगभग 200 शराब की खाली बोतलें को पुलिस ने नष्ट कर दिया है। इधर अनिल सिंह के घर का तलाशी लेने के लिए पुलिस को घंटों मशक्कत का सामना करना पड़ा। सदर एसडीपीओ अनोज कुमार, बहादुरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष हरिनारायण सिंह, नगर थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश झा, सदर अंचल इंस्पेक्टर सुबोध चौधरी, विशनपुर थानाध्यक्ष सहित दंगा नियंत्रण एवं सीआईएटी बल महिला थानाध्यक्ष सीमा कुमारी सहित दर्जनों पुलिस अधिकारी महिला बल लगभग 2 घंटे तक आरोपित अनिल सिंह के घर के सामने दरवाजा खुलवाने के लिए खड़े रहे। काफी मान मनौवल के बाद घर की महिलाएं दरवाजा खोलीं। इसके बाद जाकर तलाशी ली गई तब तक घर के सभी पुरुष वर्ग फरार हो चुके थे।

घटना को लेकर दोनों तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें लगभग 20 लोगों को आरोपित किया गया है। घटना को लेकर गांव में दहशत का माहौल है। वहीं पुलिस भी अपने बयान पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसमें विधि व्यवस्था में बाधा आदि की जिक्र की गई है। गांव के लोग भी बड़ी घटना की आशंका को लेकर सहमे हुए हैं। यही कारण है कि कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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