दरभंगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दरभंगा जिला में संचालित दो क्वारंटीन केंद्रों में आवासित प्रवासियों से सीधे बातें कर उनके हाल चाल की जानकारी लिया गया. इसमें डीपीएस पब्लिक स्कूल, दिल्ली मोर क्वारंटीन केन्द्र एवं आईटीआई रामनगर, बहादुरपुर क्वारंटीन केन्द्र के नाम शामिल हैं.
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मुख्यमंत्री द्वारा प्रवासियों से पूछा गया कि क्वारंटीन केन्द्र में उन्हें कौन कौन सी सुविधा प्राप्त हो रहीं हैं, नाश्ता खाना में क्या मिलता हैं. साफ सफाई, वाशरूम, टॉयलेट की क्या व्य्वश्था हैं. कपड़े बर्तन, सैनिटरी किट्स आदि मिले हैं कि नहीं.

इसके साथ ही इनलोगो के बैक ग्राउंड के बारे में भी जानकारी ली गयी कि पहले क़हाँ और क्या काम करते थे, क्या कार्य का कोई प्रशिक्षण प्राप्त हुआ हैं, स्किलड हैं या अनस्किलड हैं.
डीपीएस पब्लिक स्कूल क्यू. कैंप में ठहरे हुए प्रवासी कामगार मुकेश साहनी द्वारा बताया गया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मुंबई से विशेष श्रमिक ट्रेन में सवार होकर दरभंगा पहुंचे थे. स्टेशन पर इनलोगो की स्क्रीनिंग हुआ, खाने का पैकेट एवं पानी का बोतल दिया गया.फिर एमएलएसएम कॉलेज राहत शिविर में लाया गया. वहां निबंधन प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीपीएस स्कूल में लाया गया. उसने बताया कि सभी को समय पर नाश्ता खाना मिल रहा हैं. एक सेट कपड़े बर्तन के साथ, मच्छरदानी, बाल्टी, मग, दरी, साबुन, शैम्पू, ब्रश, पेस्ट आदि सामग्री भी मिल गया हैं.बताया कि मिथिला पेंटिंग किया हुआ मास्क भी मिला है. कहा कि यहां रहने में उन्हें कोई दिक़्क़त नहीं है.
मुख्यमंत्री के द्वारा यह पूछे जाने पर कि मुंबई में क्या काम करते थे तो उसने बताया कि वे मुंबई में ड्राइवरी करते थे.
आईटीआई केन्द्र पर आवासित नंद किशोर लाल देव ने भी माननीय मुख्य मंत्री को बताया कि इस केन्द्र पर उन्हें सभी सुविधाएं मिल रहीं है. वे आसाम में बिजली मिस्त्री का काम करते थे, काम बंद हो जाने पर मजबूर होकर अपने घर आये हैं. मुख्यमंत्री द्वारा यह भी पूछा गया कि क्या फिर वापस जायेंगे.इस पर उनलोगो ने अपने राज्य में ही रहने की बातें कहीं.

जिला के उक्त दोनों केंद्रों पर वीडियो कॉनफेरेन्सिंग की विशेष व्य्वश्था की गयी थी. डीपीएस पब्लिक स्कूल क्यू. कैंप में स्वयं डीएम डॉ त्यागराजन एस. एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री बाबू राम उपश्थित थे. इनके साथ नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, प्रशिक्षु आईएएस विनोद दुहन एवं प्रियंका रानी, आपदा प्रभारी पुष्पेश कुमार, डीआईओ राजीव झा, सदर बीडीओ, सीओ एवं अन्य अधिकारी कर्मी उपस्थित थे.
वही आईटीआई रामनगर क्वारंटीन कैंप में डीडीसी डॉ कारी महतो, सदर एसडीओ राकेश गुप्ता, एसडीपीओ अनोज कुमार, बीडीओ, सीओ बहादुरपुर आदि उपश्थित थे.

इसके पूर्ब डीएम डॉ त्यागराजन द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस केन्द्र में अभी कुल 44 आदमी हैं. इसमें मुंबई एवं अन्य शहरों के लोग शामिल है. एक कमरे में दो व्यक्ति को ठहराया गया है, प्रत्येक 2-3 व्यक्ति पर एक बाथ रूम टैग किया गया है. साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. केन्द्र में ही खाना बनवाकर खिलाया जाता है.
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बारी-बारी से सभी कमरें, मनोरंजन हेतु कमरे में लगा टीवी, रसोई घर, वाशरूम आदि को दिखाया गया. मुख्यमंत्री जिला के क्वारंटीन केन्द्रों में उपलब्ध व्यवस्था से संतुष्ट दिखें.
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