सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। दरभंगा में पत्रकारों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले को प्रमंडलीय आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। रविवार को लहेरियासराय के बीके रोड पर नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पत्रकारों के साथ हुई घटना से आक्रोशित सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर सोमवार को पैदल मार्च करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त से मुलाकात की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सामूहिक आवेदन सौंपा।

रविवार को लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत बीके रोड स्थित नगर निगम की चार दुकानों को कोर्ट के आदेश के बाद खाली कराने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान नगर निगम प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज के बाद बुलडोजर से दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इसी कार्रवाई की खबर संकलन के लिए मौके पर पहुंचे पत्रकारों के साथ कथित रूप से दरभंगा नगर निगम के उपनगर आयुक्त जयचंद्र अकेला द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है।
पत्रकारों का कहना है कि खबर संकलन करते देख पहले उन्हें अभद्र भाषा में रोका गया, फिर धक्का दिया गया और खबर नहीं बनाने की धमकी दी गई। आरोप है कि कैमरा छीनने और बंद कराने का भी प्रयास किया गया तथा पत्रकारों के साथ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इस घटना के बाद पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।


सोमवार को सैकड़ों पत्रकारों ने पैदल मार्च कर दरभंगा प्रमंडल कार्यालय पहुंचकर प्रमंडलीय आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पीड़ित पत्रकारों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए प्रमंडल स्तर से ही जांच टीम गठित की जाएगी और इसके लिए अपने सचिव को तत्काल निर्देश दिया।
पत्रकारों के आग्रह पर प्रमंडल कार्यालय के बाहर मौजूद करीब 50 पत्रकारों को मीटिंग हॉल में बैठाने, साथ ही उन्हें पानी और चाय उपलब्ध कराने का भी निर्देश आयुक्त द्वारा दिया गया। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त स्वयं मीटिंग हॉल में पहुंचे और उपस्थित पत्रकारों से बारी-बारी से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना।
आयुक्त ने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और तथ्यों के अवलोकन के बाद जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही जिस कथित “घोटाले” से जुड़ी खबर को लेकर यह विवाद उत्पन्न हुआ, उसकी भी अलग से जांच कराए जाने की बात कही गई।
बैठक के दौरान पत्रकारों ने अपनी अन्य समस्याएं भी प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष रखीं, जिन पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर प्रेस क्लब सहित जिले के विभिन्न मीडिया संगठनों और बैनरों से जुड़े लगभग सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।
यह मामला न केवल पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !