चकरनगर / इटावा (डॉ एस बी एस चौहान) : बाढ़ग्रस्त राजस्व गांव खिरीटी का मजरा ककरैया जिसमें करीब एक दर्जन से भी ज्यादा लोग बीमारी का शिकार बने हुए हैं जिसमें कई मरीज जो धनाभाव में गांव की सैया पर पड़े हुए हैं तो कुछ विभिन्न अस्पतालों में शरण लिए हुए हैं। 21 वर्षीय दीपू तो मौत का शिकार ही हो गया।
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उपलब्ध जानकारी के अनुसार विकासखंड चकरनगर का राजस्व गांव खिरीटी का मजरा ककरैया बाढ़ सिमट जाने के बाद अब गांव में बीमारी का प्रकोप बड़े पैमाने पर दिखाई दे रहा है ग्रामीणों ने बताया की एक-एक घर में 2 से 4 तक चारपाईयां पड़ीं हुईं हैं। दवाओं से कोई खास आराम नहीं मिल रहा है। कुछ परेशानियों की मार झेल रहे हैं तो कुछ बाहरी अस्पतालों में जाकर चिकित्सकों से स्वास्थ्य लाभ का जरिया अपना रहे हैं। हुकुम सिंह बताते हैं कि उनका 22 वर्षीय पुत्र जो चंद्रा हॉस्पिटल इटावा में दाखिल है। लगभग 1 हफ्ते से इलाज चल रहा है पहले इसका इलाज कस्बा चकरनगर में कराया गया उसके बाद अब इटावा से हो रहा है लेकिन अभी भी ठीक नहीं है। झुन्नीलाल बताते हैं कि उनके घर में लगभग एक दर्जन बच्चे बीमार पड़े हुए हैं। झुन्नीलाल ने आगे बताया कि हमारे गांव के फूल सिंह का बच्चा दीपू जिसकी उम्र लगभग 21 वर्ष थी जो इसी बीमारी के चलते अकाल काल के गाल में समाहित हो गया।

इस वक्त मजरे में तारावती पत्नी राजेंद्र सिंह, कमलेश पुत्र गुलाब सिंह, जय सिंह उम्र 35 वर्ष, अंगूरी उम्र 18 वर्ष, अशोक कुमारी उम्र 35 वर्ष, शबनम उम्र 9 वर्ष, और वर्षा उम्र 7 वर्ष गांव में ही अपने घर पर बीमार अवस्था में पड़ी हुई है। इलाज का कोई खास साधन नहीं बन पा रहा है।ग्रामीणों ने आक्रोष करते हुए बताया के इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार कहा गया और उन्हें इस बात का पता है कि गांव में बीमारी फैली हुई है उसके बाद भी उन्होंने अपने स्तर से कोई भी सक्षम निदान नहीं किया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से निवेदन किया है कि गांव में स्थाई टीम लगाकर विशेषज्ञों के द्वारा उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।
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