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डीएम इन एक्शन, दर्जनों इंजीनियरों के वेतन भुगतान पर लगाई रोक

दरभंगा : सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में रहने के बावजूद जल जीवन हरियाली अभियान के क्रियान्वयन में कुछ अभियंता और अधिकारी रूचि नहीं ले रहें हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने इन अभियंताओं पर कारवाई करते हुए इनके वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के उनके प्रशासी विभाग को प्रतिवेदित किया है और कहा है कि ये लोग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जल जीवन हरियाली अभियान के क्रियान्वयन में कोई रूचि नहीं ले रहें हैं, इन पर अनुशासनिक कारवाई करने की अनुशंसा की है। जिन अधिकारियों पर कारवाई की गाज गिरी है उनमें पथ प्रमंडल, दरभंगा एवं मधुबनी के कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, जिला मत्स्य पदाधिकारी शामिल है। जिलाधिकारी अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्तरीय वृक्षारोपण समिति की बैठक की समीक्षा कर रहे थे।

समीक्षा में पाया गया कि कतिपय विभागों को छोड़कर कई विभागों द्वारा आधा-अधूरा प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। जो समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाया गया है। ये लोग स्थलीय जांच किये बगैर अनुमान के आधार पर अपूर्ण प्रतिवेदन भेज दिया है। जिलाधिकारी ने ऐसे अधिकारियों के कार्य पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जल जीवन हरियाली कार्य में तनिक भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में पौधारोपण हेतु खाली जमीन की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है।

वहीं जिला कृषि पदाधिकारी को वन प्रमंडल पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नर्सरी हेतु जमीन का चयन कर लेने का आदेश दिया है। बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, वन प्रमंडल पदाधिकारी सुधीर कुमार कर्ण, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, दरभंगा, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी के अलावे सभी मनरेगा पीओ, जीविका के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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