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बिहार :: धूमधाम से मना डीएमसी का स्थापना दिवस, देश विदेश के चिकित्सक हुए शामिल

दरभंगा (विजय सिन्हा) : दरभंगा मेडिकल कॉलेज का स्थापना दिवस समारोह ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। देश-विदेश से दरभंगा पहुंचे कई ख्यातिलब्ध चिकित्सकों की उपस्थिति से इस समारोह में चार चांद लग गया। 

चिकित्सक अपने पुराने मित्रों से मिलकर गदगद थे। भूली बिसरी यादें ताजा हो रही थीं। वर्षों के बिछड़े मित्र कॉलेज के दिनों की अपनी यादें एक-दूसरे से साझा कर रहे थे। हाथ मिलाने और गले मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा था। कैमरा और सेल्फी की फ्लैश लाइट से हॉल और परिसर चमक रहा था। मुख्य कार्यक्रम आॅडिटोरियम में हुआ, जहां मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए डॉ जयदेव शर्मा ने कहा कि आज तो अत्याधुनिक लेक्चर थिएटर और उम्दा आडिटोरियम तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उस समय पढ़ाई पेड़ के नीचे या घास पर करते थे। खुले वातावरण में पढने का एक अलग मजा था। डॉ शर्मा ने कहा कि 50 साल पूर्व की यहां कि की सारी बातें तरोताजा हो गर्इं हैं। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब डॉ. शीतल प्रसाद, डॉ. टी वी गुप्ता, डॉ. एसएन घोष, डॉ. एम जफरिया जैसे लोग इस कॉलेज के शिक्षक हुआ करते थे। वहीं उन्होंने कहा कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज बिहार का पहला कॉलेज है जिस की मान्यता 1953 में एक ही निरीक्षण के बाद दे दिया गया था। वहीं डॉ. ओम प्रकाश दोस्तों से मिलकर भावुक हो रहे थे। मुख्य अतिथियों ने इस मौके पर 5 ग्रैंड मास्टर को सम्मानित किया। कार्यक्रम सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण से प्रारंभ हुआ। जिसकी अगुवाई वरिष्ठ डॉ. एस. के. जैन ने किया। वहीं आॅडिटोरियम में हुए प्रोग्राम में कई पुराने छात्र मौजूद थे। इस मौके पर डॉ. उपेन्द्र प्रसाद सिंह कहा कि डीएमसी के अतीत को वापस लाने के लिए एम्स की जरूरत नहीं है। आज पटना एम्स की जो हालत है वह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि एक जमाने में डॉ. शम्भु चौधरी, डॉ. मोहन मिश्र, डॉ. नवाब आदि ने कॉलेज की प्रतिष्ठा को विदेशों में पहुंचाया। वहीं पूर्व कुलपति डॉॅ. एस.पी. सिंह ने कहा कि दरभंगा में एम्स की स्थापना जल्द होगी। एम्स की स्थापना हो जाने से यहां के लोगों को रोजगार के साथ-साथ दूसरे राज्यों में जाकर ईलाज नहीं कराना पड़ेगा।

इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एच. एन झा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.आर. प्रसाद, डॉ. रमण कुमार वर्मा, डॉ. यू.पी. सिंह, डॉ. विजय शंकर, डॉ. मोती सिन्हा, डॉ. मो. नूर, डॉ. श्याम किशोर सिंह, डॉ. वी.के सिंह, डॉ. शीला कुमारी, डॉ. एन दुबे, डॉ. ए. एन सिंह, डॉ. ए. के गुप्ता समेत दर्जनों चिकित्सकों ने विचार रखे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर ने अपनी गायन से दिल मोह लिया। इस मौके पर महाराजाधिराज रमेश्वर सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

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