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जलप्रलय :: करेह के तटबंध को लेकर दरभंगा खतरे में, तटबंधों को युद्धस्तर पर बचाने में जुटा जिला प्रशासन

दरभंगा : दरभंगा में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है ऊपर से आज क़रेह और बागमती के जल ग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है वहीं करेह नदी के तटबंध पर मंडरा रहे भारी खतरे को देखते हुए देर रात ही प्रशासन ने बरछिया के निकट लोगों को तटबंध से खाली करा लिया है।

दर्जनों जगह करेह नदी के बायीं तटबंध मैं रिसाव हो रहा है जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तटबंध को बचाने में लगा हुआ है पर आज सुबह बहेड़ी के बोरज गाँव में तटबंध एक जगह ओवर टॉप किया तो ग्रामीणों ने पूरी शक्ति लगाकर उसे रोका लेकिन कब यह टूट जाएगा यह कहना मुश्किल है।

शहरी सुरक्षा तटबंध में भी दर्जन से अधिक जगहों पर नाला और सुलिश गेट से रिसाव हो रहा है जिसके कारण शहर के काली स्थान, वृंदावन घाट ,जीतू गाक्षी,इमली घाट ,केला मंडी , पंचानन नाथ मंदिर ,काबरा घाट आजमनगर बालू घाट में पानी रिसाव होने के कारण घुटना भर पानी हो गया है इधर जेपी चौक नगर निगम और सीएम साइंस कॉलेज की ओर पानी बढ़ रहा है दूसरी ओर नदी के पश्चिमी हिस्से में स्थित काफी गंभीर हो गई है शुभंकरपुर,बाजीतपुर,रत्नोंपट्टी में घुटने से लेकर छाती तक पानी हो गया है इस बगल तटबंध नहीं है वैसे थोड़ा सुकून है कि अधवारा समूह की नदियाँ स्थिर है यह तो रही शहर की बात।

वहीं दरभंगा सदर प्रखंड में भी बाढ़ तबाही मचा रहा है आज सोनकी से चिकनी जाने के क्रम में सड़क पार करते वक्त एक दूध बेचने वाला व्यवसाई पानी के तेज बहाव में बह गया वैसे उसकी जान बच गई लेकिन साइकिल और दूध का कंटेनर तेज बहाव में बह गया ।इसी तरह सबसे खराब स्थिति हनुमाननगर की है यहां की पूरी आबादी प्रभावित है गांव में 2 फीट से लेकर 6 फीट तक पानी है यहां की आबादी ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।

दरभंगा समस्तीपुर सड़क तो पूरा का पूरा डूबा हुआ है लेकिन जहां पानी नहीं है वहां लोग आकर शरण लिए हुए हैं गांव में दो मंजिला मकान वाले हैं अपने घरों पर हैं पूरे क्षेत्र में 1 सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप है और टेलीफोन टावर भी डूबे हुए हैं जिसके कारण इन इलाके में रहने वाले लोगों का पूरा संपर्क कटा हुआ है सबसे खराब स्थिति महिलाओं को शौच जाने के लिए है ।

नाव की भारी कमी है पैसे वाले लोग नाव खरीद रहे हैं सबसे खराब स्थिति प्रखंड के दिलाही ,पटोरी ,कोलहत्ता,बसवारा आदि गांव का है इसी तरह पंचोंभ पंचायत की स्थिति भी ऐसा ही है कुल मिलाकर कहें तो हनुमान नगर प्रखंड में जल प्रलय की स्थिति है लेकिन सबसे अधिक खतरा करेह के तटबंध पर है प्रशासन इसे बचाने में लगा हुआ है फिर भी अगर यह नहीं बच पाता है तो दरभंगा में सबसे बड़ी त्रासदी हो जाएगी इससे इनकार नहीं किया जा सकता।

सिंहवाड़ बहादुरपुर और केबटी प्रखंड की स्थिति भी खराब है आज करजापट्टी में आधवारा ज़मींदारी बांध टूट गया जिस से दरभंगा कमतौल पथ पर खतरा उत्पन्न हो गया है लेकिन प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से 10 फीट में हुए टूट को बांधने में सफलता पाली है लेकिन पानी का बहाव तेज है जिस से कब तक रुक पाएगा यह समय ही बताएगा। बहरहाल यह सच्चाई है कि दरभंगा जिला में बाढ़ ने तांडव मचा रखा है और जल प्रलय की स्थिति है।

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