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दरभंगा म्यूजियम द्वारा धरोहर संरक्षण अभियान, 24-31 जनवरी तक मनाया जा रहा संग्रहालय सप्ताह

डेस्क : महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय दरभंगा द्वारा मनाए जा रहे संग्रहालय सप्ताह (24-31जनवरी 2020) कार्यक्रम के दौरान बुधवार को वुडवाइन मोडर्न स्कूल, दरभंगा में धरोहर संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया गया।

स्कूल की प्राचार्या डा. नसरीन नवाब की अध्यक्षता में छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों को धरोहर के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई तथा उनके संरक्षण के लिए नियमों तथा उपायों को भी विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त जल जीवन हरियाली के महत्व को समझाते हुए उसके संरक्षण हेतु आमलोगों को उससे जोड़ने के लिए विशेषज्ञों ने शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं का आह्वान किया। धरोहर अभियानी तथा मूर्ति कला विशेषज्ञ डा. सुशांत कुमार ने सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के विषय में पावर प्वाइंट के साथ विस्तार से जानकारी प्रस्तुत किया। डा. सुशांत कुमार एवं श्री चन्द्र प्रकाश द्वारा दरभंगा के प्राकृतिक धरोहरों को सूचीबद्ध किया गया है। यह परियोजना उन्हें इन्टैक बिहार स्टेट चैप्टर के द्वारा सौंपी गई थी। जिला के नदियों, विशाल प्राचीन तालाबों, पुराने विशाल पेड़ आदि के संरक्षण के अलावा विलुप्त हो रही पशु पक्षियों के संरक्षण एवं प्रलेखन के लिए आमलोगों की भागीदारी पर बल दिया गया। जिला के धरोहर भवन तथा मठ मंदिरों के हो रहे क्षरण पर चिंता जताई गई। डा सुशांत कुमार जो देश की धरोहर संरक्षण विषयक प्रतिष्ठित संस्थान इन्टैक के सक्रिय सदस्य हैं ने बताया कि लक्ष्मीश्वर विलास पैलेस का संरक्षण के नाम पर जीर्णोद्धार किया जा रहा है जिससे उसकी मौलिकता नष्ट हो रही है। धरोहर संरक्षण विशेषज्ञों की देखरेख में इसका संरक्षण आवश्यक है अन्यथा हमारे धरोहर भवन नष्ट हो जाएंगे।

भारत सरकार के धरोहर संरक्षण विषयक प्रतिष्ठित संस्थान एन आर एल सी, लखनऊ के विशेषज्ञ आविष्कार तिवारी ने बच्चों को अपने धरोहर एवं पर्यटन स्थल के रखरखाव तथा उनके साथ किये जाने वाले व्यवहार के बारे में जानकारी प्रदान की। आविष्कार तिवारी ने बच्चों से कहा कि धरोहर एवं पर्यटन स्थल पर कभी नाम नहीं लिखा जाय, गंदगी न फैलाएं और दूसरे को भी इसके लिए मना करें। पावर प्वाइंट के माध्यम से उन्होंने दिखाया कि किस तरह हम अपने पुरखों की थाती की सही ढंग से रखरखाव कर सकते हैं।

एन आर एल सी, लखनऊ की विशेषज्ञा सुश्री आरुषि मेहरा, अनुपमा दास तथा संजुक्ता आचार्या ने धरोहर संरक्षण से जुड़ी तकनीकी पहलूओं को प्रस्तुत किया। सामाजिक कार्यकर्ता फवाद ग़ज़ाली ने धरोहर संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संविधान की धारा 51(अ)में लिखा गया है कि भारतीय नागरिको का कर्तव्य है कि वह भारत की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करें। इसके अलावे विशेष अतिथि डा. नवा ईमाम और मो. ज़ाहिद अनवर एवं स्कूल के शिक्षकों, सुनीता सिंह,सम्पत्ति कुमार सिंह,निधि कुमारी, अंकित कुमार,रमन नारायण चौधरी,ओम प्रकाश सहनी, अवधेश कुमार आनंद, प्रभाकर सहनी, संगीता झा,ललन कुमार झा,गुंजा कुमारी, फिरोज अहमद आदि ने बच्चों को अपने धरोहर के संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए जाने वाले व्यवहार के विषय में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के आरंभ में विषय प्रवर्तन एवं संचालन श्री चन्द्र प्रकाश द्वारा किया गया।स्कूल के बच्चों द्वारा स्वागतगान किया गया तथा स्कूल की प्राचार्या डा. नसरीन नवाब एवं संग्रहालय के विद्वत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।

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