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तेज रफ्तार बनी मौत का कारण, एक ही परिवार के 5 लोगों की जान गई

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में गुरुवार रात एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार के सदस्य राजस्थान के कैला देवी मंदिर से दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार, इटावा जिले के रहने वाले आठ लोग बोलेरो कार में सवार होकर धार्मिक यात्रा पर गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग वापस लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे जैसे ही उनकी गाड़ी चित्राहट थाना क्षेत्र के पई गांव के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि गाड़ी के अंदर लोग बुरी तरह फंसे हुए हैं और मदद के लिए चिल्ला रहे हैं। बिना देर किए ग्रामीणों ने कार के शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को भी सूचना दे दी गई।

कुछ ही देर में पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 35 वर्षीय देवेंद्र, उनकी पत्नी सीमा देवी (30), तीन साल की बेटी आराध्या, 70 वर्षीय पिता कांता प्रसाद और वाहन चला रहे 20 वर्षीय ऋषि शामिल हैं।

वहीं हादसे में घायल हुए अन्य चार लोग—आदित्य, ऋषभ, रश्मि और अवनीश—को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के दरवाजे तक जाम हो गए थे और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और हर कोई घायलों की मदद में जुट गया।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटना की वजह ड्राइवर को आई झपकी हो सकती है। लंबा सफर और रात का समय होने के कारण चालक थकान का शिकार हो गया, जिससे वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और यह बड़ा हादसा हो गया।

घटना की सूचना जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, वहां मातम पसर गया। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव और आसपास के इलाकों में भी शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध है।

प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चलाते समय पर्याप्त आराम करें और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। एक परिवार, जो आस्था और श्रद्धा के साथ यात्रा पर निकला था, वह वापस लौटते समय ऐसी त्रासदी का शिकार हो गया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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