बांदा।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी हुई मतदाता ड्राफ्ट सूची ने जिले में नई परेशानियां खड़ी कर दी हैं। कई घरों में ऐसे नाम जुड़ गए हैं, जिन्हें मकान मालिक जानते तक नहीं। कहीं हिंदू-मुस्लिम मतदाताओं के पते आपस में बदल दिए गए हैं, तो कहीं एक ही पते पर दर्जनों अनजान वोटर जोड़ दिए गए हैं। हालात यह हैं कि लोग अब त्रुटियां दुरुस्त कराने के लिए बूथों और बीएलओ के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

पड़ोसी नहीं, अनजान बने ‘बाशिंदा’
चुनाव आयोग ने SIR के जरिए सूची सुधार का दावा किया था, लेकिन जारी ड्राफ्ट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में पुरानी गलतियां जस की तस हैं, वहीं पुनरीक्षण के दौरान नई चूक भी सामने आई है।
सईदा के घर राजेश, नूरजहां के पते पर सुधा
बांदा शहर के भाग संख्या-105 में मकान नंबर 234, जिसकी मालिक मुस्लिम महिला सईदा हैं, वहां राजेश कुमार (पुत्र भगवती) का नाम दर्ज पाया गया। इसी तरह मकान नंबर 271 में गृह स्वामी नूरजहां के पते पर सुधा (पत्नी अमरनाथ) का नाम जोड़ दिया गया। इसी भाग में पूनम (पत्नी जितेंद्र) के घर मुस्लिम मतदाता हुस्ने आलम (पुत्र लियाकत) का नाम दर्ज होने का मामला भी सामने आया।
एक पते पर 12 वोटर—छह हिंदू, छह मुस्लिम
भाग संख्या-124 के मकान नंबर 383 में कुल 12 मतदाता दर्ज हैं। यहां गौसिया के नाम के साथ उज्जैन सिंह, रमेश सिंह, उर्मिला, लज्जावती, रेखा और मनीष सिंह जैसे हिंदू नाम भी हैं, जबकि अयाजुद्दीन, आशिफ समी, सैय्यद आकिल समी, आदिल समी और नादिर जैसे मुस्लिम मतदाता भी उसी पते पर दर्ज मिले।
निजामुद्दीन अनजान, घर में आठ ‘अजनबी’ वोटर
मर्दन नाका (पूर्वी) के भाग संख्या-124 में मकान नंबर 415 के मालिक निजामुद्दीन के पते पर आठ ऐसे नाम दर्ज पाए गए, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं है। सूची में नफीसा बेगम, सगीर, हसना, मो. हमीद, मुईद अहमद, हफीज, मो. शकील और मो. वकील जैसे नाम शामिल हैं।
संख्या में गिरावट, कई नाम हटे
SIR के तहत जिले से करीब 1.75 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, क्योंकि वे 2003 की सूची से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अनंतिम सूची के अनुसार अब जिले में 11,74,100 मतदाता हैं—6,51,173 पुरुष और 5,22,891 महिलाएं। पुनरीक्षण से पहले जहां बबेरू, नरैनी, तिंदवारी और सदर में मतदाताओं की संख्या अधिक थी, वहीं अब चारों विधानसभा क्षेत्रों में आंकड़े घटे हैं।
त्रुटियों का होगा सुधार
प्रशासन का कहना है कि सामने आने वाली सभी गलतियों को विशेष अभियान के तहत बूथों पर ठीक कराया जाएगा। इसके लिए बीएलओ संबंधित फॉर्म भरवाकर संशोधन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
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