सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। जिला अतिथि गृह में शनिवार को बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, राजस्व प्राप्ति, अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों, भूमि निबंधन प्रक्रिया, विवाह निबंधन, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

बैठक के प्रारंभ में दरभंगा जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप मंत्री मदन सहनी को पाग एवं चादर भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार, जिला अवर निबंधक पदाधिकारी स्वीटी सुमन, उप आयुक्त मद्यनिषेध दरभंगा प्रमंडल दीनबंधु, उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, डीपीएम जीविका रिचा गार्गी सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे छापामारी अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार विशेष अभियान चलाकर शराब माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
इस पर मंत्री मदन सहनी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिहार सरकार की पूर्ण शराबबंदी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अवैध शराब के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जब्त वाहनों की नीलामी एवं शराब विनिष्टीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। मंत्री ने विशेष रूप से शराब मामलों में जब्त वाहनों की समयबद्ध नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वाहनों के पड़े रहने से प्रशासनिक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर नीलामी की कार्रवाई पूरी करें।

बैठक में दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी एवं सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार को निर्देशित करते हुए मंत्री ने कहा कि पुलिस एवं मद्यनिषेध विभाग आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार प्रभावी एवं परिणामोन्मुख छापेमारी अभियान चलाकर शराब तस्करी की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेट्रोल पंपों, ढाबा होटलों, सड़क किनारे स्थित प्रतिष्ठानों तथा संदिग्ध स्थानों पर नियमित एवं औचक छापेमारी की जाए। मंत्री ने कहा कि शराब तस्कर नए-नए तरीकों से अवैध कारोबार संचालित करने का प्रयास करते हैं, इसलिए प्रशासन को भी सतर्क एवं सक्रिय रहना होगा।
मंत्री मदन सहनी ने इस बात पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की कि कई बार शराब सेवन अथवा अवैध कारोबार में शामिल लोग जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद पुनः उसी गतिविधि में संलिप्त हो जाते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनका डाटा तैयार किया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों का शराब मामलों में पूर्व रिकॉर्ड रहा है, उन पर विशेष नजर रखी जाए ताकि पुनरावृत्ति को रोका जा सके। उन्होंने जिला सीमा से होकर गुजरने वाले सभी वाहनों की 24 घंटे जांच करने का निर्देश दिया।
मंत्री श्री सहनी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि कई बार बाहरी जिलों एवं राज्यों से शराब की तस्करी की जाती है। उन्होंने कहा कि बड़े मालवाहक वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित की जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को सक्रिय एवं समन्वित तरीके से कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि देशी एवं विदेशी शराब की बरामदगी पर विशेष ध्यान दिया जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां लगातार अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। मंत्री मदन सहनी ने कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी एवं मानवीय दोनों स्तरों पर निगरानी मजबूत की जाए।
इसके उपरांत बैठक में जिला अवर निबंधक पदाधिकारी स्वीटी सुमन द्वारा भूमि निबंधन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण व्यवस्था, भूमि की श्रेणी निर्धारण की प्रक्रिया, राजस्व संग्रहण तथा निबंधन कार्यालय में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में विस्तृत फीडबैक प्रस्तुत किया।

बैठक में बताया गया कि जिले में भूमि को मुख्य रूप से शहरी, पेरीफेरल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। इन क्षेत्रों में भूमि की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित हैं, जिनमें व्यावसायिक, आवासीय, विकासशील, कृषि एवं दो फसला भूमि शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूमि निबंधन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री श्री सहनी ने एमवीआर रिवीजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि भूमि विवादों को कम करने के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि की वास्तविक स्थिति एवं श्रेणी निर्धारण में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने कहा कि सही मूल्यांकन एवं पारदर्शी प्रक्रिया से आम नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और भविष्य में विवादों की संभावना भी कम होगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विवादित जमीन का निबंधन किसी भी परिस्थिति में नहीं होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कई बार विवादित भूमि की रजिस्ट्री होने से क्रेता को वर्षों तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए निबंधन से पूर्व सभी दस्तावेजों एवं भूमि की स्थिति की पूरी तरह जांच सुनिश्चित की जाए।
मंत्री मदन सहनी ने जिला अवर निबंधक पदाधिकारी को निर्देश दिया कि रजिस्ट्री के दिन ही डीड की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए। उन्होंने निबंधन कार्यालय में आने वाले नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि कार्यालय परिसर में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय एवं सहायता काउंटर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि पुराने अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन पारदर्शिता बढ़ाने तथा दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया। मंत्री मदन सहनी ने कहा कि भूमि रजिस्ट्री कराने वाले नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश देते हुए कहा कि निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया जाए ताकि वे पात्रता अनुसार लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि निबंधन विभाग के नए नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी सोशल मीडिया एवं जिला प्रशासन के फेसबुक पेज के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए। मंत्री ने कहा कि जागरूकता बढ़ने से लोगों को सुविधा होगी तथा बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी।
बैठक के दौरान विवाह निबंधन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विवाह निबंधन के लिए ₹100 का चालान जमा किया जाता है तथा लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विवाह निबंधन कानूनी एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक के अंत में दरभंगा जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने मंत्री मदन सहनी को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहेंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं कानून के प्रभावी अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है तथा आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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