नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 में एक दुखद घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। यहां गड्ढ़े में कार गिरने से युवा इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। हादसे के समय युवराज गाड़ी में फंसे हुए मदद के लिए पुकार रहे थे, लेकिन कोई भी उनके पास नहीं पहुंचा। इस बीच, डिलिवरी बॉय मुनेंद्र उर्फ मोनिंदर ने जोखिम उठाकर पानी में कूदकर युवराज को बचाने की कोशिश की।

हालांकि, अब मुनेंद्र ने दावा किया है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उनके अनुसार, कुछ लोग उन्हें दोषी दिखाने के लिए सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए झूठी खबरें फैल रहे हैं। मुनेंद्र ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस साजिश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी पड़ेगी और वे केस दर्ज कराएंगे।
वायरल वीडियो में विवाद
युवराज मेहता के मौत मामले में मुनेंद्र का नाम अहम गवाह के तौर पर सामने आया। लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि मुनेंद्र ने पैसे लिए और पुलिस के खिलाफ बयान देने को तैयार हुए। मुनेंद्र ने इस वीडियो को साजिश का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि यह वीडियो बनाने वाला शख्स मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। मुनेंद्र ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर खुद का पक्ष रखा और बताया कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं लिए और यह सब उनकी छवि खराब करने की योजना है।
पुलिस के दावे का विरोध
एसआईटी की रिपोर्ट में पुलिस ने दावा किया कि घटना के समय मुनेंद्र की लोकेशन मौके पर नहीं थी। लेकिन मुनेंद्र ने इसे पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना है कि वह युवराज को बचाने के लिए मौके पर थे और उनकी इस कोशिश की कई गवाह मौजूद हैं। युवराज के पिता ने भी सार्वजनिक तौर पर मुनेंद्र की सराहना की थी और उनकी बहादुरी को स्वीकार किया था।
मुनेंद्र का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और साजिश करने वालों को उजागर किया जाएगा।
मुनेंद्र का पक्ष
मुनेंद्र ने बताया कि एक कथित पत्रकार ने उनसे कहा कि उनके ऊपर और उनके द्वारा किए गए काम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है और वे ही इसे सुधार सकते हैं। इस दौरान पत्रकार ने मुनेंद्र से पैसे लेने और पुलिस के खिलाफ बयान देने के लिए कहा, जिसे मुनेंद्र ने अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि यह सब उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने और उन्हें दोषी दिखाने की साजिश का हिस्सा है।
मुनेंद्र की इस सफाई के बाद कई लोग सोशल मीडिया पर उनकी बहादुरी और निष्पक्षता की तारीफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के वायरल वीडियो और अफवाहें अक्सर सच्चाई को ढकने के लिए फैलाई जाती हैं।
निष्कर्ष
युवराज मेहता की मौत ने नोएडा में शोक की लहर फैला दी है। मुनेंद्र ने जो बहादुरी दिखाई, वह हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। लेकिन अब मुनेंद्र खुद साजिश का शिकार बनते दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया किस तरह इस मामले को सुलझाती है।
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