तरनतारन (पंजाब)।
पंजाब के तरनतारन जिले में स्थित माई भागो लॉ कॉलेज उस समय खामोशी और खौफ के साये में डूब गया, जब सोमवार सुबह पढ़ाई के लिए आई एक होनहार छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। कुछ ही सेकंड में दो जिंदगियां खत्म हो गईं, और पूरे कॉलेज परिसर में चीख-पुकार मच गई।

क्लासरूम में गूंजी गोली, तीन सेकंड में उजड़ गया सब कुछ
घटना सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे की है। लॉ कॉलेज की नियमित कक्षा चल रही थी। इसी दौरान आरोपी छात्र प्रिंसराज सिंह क्लास में दाखिल हुआ। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उसने अपनी सहपाठी संदीप कौर के बेहद करीब जाकर उसके माथे में गोली मार दी। इसके तुरंत बाद उसने खुद की कनपटी पर गोली चलाकर आत्महत्या कर ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना इतनी अचानक हुई कि छात्र-छात्राएं कुछ समझ पाते, उससे पहले ही क्लासरूम अफरातफरी में बदल गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
वारदात का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पूरी घटना बेहद डरावने अंदाज में कैद है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी बिना कुछ कहे सीधे गोली चलाता है। वीडियो के वायरल होते ही पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत फैल गई।
पुलिस ने वीडियो को सबूत के तौर पर कब्जे में ले लिया है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
एकतरफा प्यार बना हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मामला एकतरफा प्यार से जुड़ा हुआ था। आरोपी प्रिंसराज सिंह कई बार संदीप कौर को दोस्ती और रिश्ते के लिए प्रस्ताव दे चुका था। हर बार संदीप ने साफ इनकार किया।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने प्रपोज-डे के मौके पर भी संदीप से फ्रेंडशिप की बात की थी, जिसे उसने ठुकरा दिया था।
“मेरी सगाई हो चुकी है”—हर बार यही जवाब
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदीप कौर आरोपी को हर बार यही कहती थी कि उसकी सगाई हो चुकी है और वह परिवार के फैसले के खिलाफ नहीं जा सकती। इसके बावजूद आरोपी उस पर लगातार दबाव बनाता रहा। यह दबाव धीरे-धीरे मानसिक उत्पीड़न में बदल गया।
रविवार को भी आरोपी ने संदीप को फोन कर प्रपोज किया था, जिसकी जानकारी संदीप ने अपनी मां को दी थी।
जज बनना चाहती थी संदीप
संदीप कौर की मां हरजिंदर कौर ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बेहद होशियार थी और लॉ की पढ़ाई पूरी कर जज बनना चाहती थी। परिवार पहले ही पिता को खो चुका है। सात बेटियों की मां हरजिंदर कौर के लिए संदीप उम्मीद की किरण थी।
उन्होंने बताया कि आरोपी कई बार उनके घर भी आ चुका था और बेटी से दोस्ती की बात करता था। मना करने के बावजूद वह पीछा नहीं छोड़ रहा था।
कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर सवाल
घटना के बाद संदीप के परिवार ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि कॉलेज के अंदर पिस्तौल कैसे पहुंची, यह सबसे बड़ा सवाल है। मां और बहन का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें करीब 15 मिनट तक कॉलेज गेट के बाहर रोके रखा गया।
परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें पहले फोन पर बताया गया कि संदीप को हल्की चोट लगी है, लेकिन जब वे कॉलेज पहुंचे तो बेटी की लाश सामने थी।
पुलिस जांच में जुटी, कॉलेज सील
सूचना मिलते ही डीएसपी जगबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कॉलेज परिसर को तुरंत सील कर दिया गया और छात्रों को बाहर निकाला गया। कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली गई है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी हथियार कहां से लाया और क्या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।
छात्राओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े क्लासरूम के भीतर गोली चलना न सिर्फ कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करता है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है—एकतरफा प्यार, अस्वीकार को स्वीकार न कर पाना और मानसिक असंतुलन किस हद तक खतरनाक हो सकता है। संदीप जैसी बेटियां, जो सपने लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं, उन्हें डर के साये में जीने पर मजबूर नहीं किया जा सकता।
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