दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर तमंचे के बल पर कार और मोबाइल फोन लूटने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई टाटा नेक्सन कार, एक चोरी की बाइक, महिला से छीने गए कुंडल और एक तमंचा बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह बिना किसी खास योजना के सुनसान स्थानों पर लोगों को निशाना बनाकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह घटना 4 मार्च की तड़के हुई थी। उस दिन फरीदाबाद निवासी स्टूडियो संचालक किसलय कुमार अपने एक दोस्त के साथ कार से कहीं जा रहे थे। देर रात होने के कारण उन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हाईटेक कॉलेज के पास कुछ देर के लिए कार रोक ली थी।
बताया जा रहा है कि थकान के कारण दोनों कार के अंदर ही आराम करने लगे और कुछ ही देर में सो गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बदमाशों की नजर उनकी कार पर पड़ गई। आरोपियों ने देखा कि कार सड़क किनारे खड़ी है और उसके शीशे भी खुले हुए हैं। मौके का फायदा उठाते हुए बदमाश तुरंत कार के पास पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार तीनों बदमाशों ने कार में बैठे दोनों लोगों को तमंचा दिखाकर धमकाया। इसके बाद उन्होंने किसलय कुमार और उनके दोस्त से उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उनकी टाटा नेक्सन कार भी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गए।
बाद में पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने लूटे गए मोबाइल फोन को एक नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को उनके खिलाफ कोई सबूत न मिल सके। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में सफलता हासिल की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज राजपूत, दर्शन और अजय के रूप में हुई है। राज राजपूत गिरधरपुर रोड क्षेत्र में रहता है, जबकि अजय बिसरख इलाके का निवासी है। पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य घटनाओं में शामिल होने की बात भी कबूल की है।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूटी गई टाटा नेक्सन कार बरामद कर ली गई है। इसके अलावा उनके पास से एक चोरी की बाइक भी बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल वे वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह बाइक 26 फरवरी को लालकुआं क्षेत्र से चोरी की गई थी। आरोपी इसी बाइक पर घूमते रहते थे और मौका मिलते ही लूट या चोरी की वारदात कर देते थे।
पूछताछ में यह भी पता चला कि 18 फरवरी को गुर्जरगढ़ी गांव में एक महिला से कुंडल छीनने की घटना भी इसी गिरोह ने अंजाम दी थी। उस समय महिला घर के बाहर उपले पाथ रही थी, तभी बदमाश वहां पहुंचे और उसके कानों से कुंडल झपटकर फरार हो गए थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से अब तक तीन अलग-अलग घटनाओं का खुलासा हुआ है। हालांकि पुलिस को शक है कि यह गिरोह इससे पहले भी कई अन्य वारदातों में शामिल रहा हो सकता है। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह लूट की घटनाओं को अंजाम देने के लिए पहले से कोई बड़ी योजना नहीं बनाता था। आरोपी बाइक या कार से घूमते रहते थे और जहां भी उन्हें आसान शिकार दिखाई देता था, वहीं वारदात को अंजाम दे देते थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपी विशेष रूप से सुनसान स्थानों को निशाना बनाते थे, जहां लोगों की आवाजाही कम होती थी। ऐसे स्थानों पर वे लोगों को धमकाकर उनकी कीमती चीजें लूट लेते थे।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी उम्र में काफी कम हैं, लेकिन इसके बावजूद वे कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय राज राजपूत मूल रूप से पंजाब के लुधियाना का रहने वाला है। वहीं 21 वर्षीय दर्शन मध्य प्रदेश के छतरपुर का निवासी है और 20 वर्षीय अजय उत्तर प्रदेश के डिबाई क्षेत्र का रहने वाला है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी दर्शन के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कम उम्र में ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था और अपने साथियों के साथ मिलकर लूट और छिनैती की घटनाएं करने लगा था।
गिरोह के दो अन्य सदस्य लव चंदेला और योगेंद्र अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय सुनसान स्थानों पर वाहन खड़ा करने से बचें और सतर्क रहें। पुलिस का कहना है कि एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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