दरभंगा : सिविल सर्जन कार्यालय परिसर स्थित टीबीडीसी सभागार में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत मरीज व चिकित्सकों को संक्रमण से बचाव को लेकर गुरूवार को प्रशिक्षण कार्याशाला का आयोजन किया गया.
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बतौर प्रशिक्षक केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग कार्डिनेटर दयाशंकर ने अस्पताल के ओटी व लेबर रूम की स्वच्छता को लेकर विस्तार से जानकारी दी.
- अस्पताल के बायोमेडिकल वेस्टेज व स्वच्छता को ले प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
- गर्भवती मां व बच्चा को संक्रमण से बचाव का ले केयर के फैमिली प्लानिंग कार्डिनेटर ने दी जानकारी
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दयाशंकर ने बताया कि अस्पताल व चिकित्सा के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट (विकार पदार्थ) का सही प्रकार से निस्तारण करना आवश्यक होता है. अन्यथा संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है. खासकर लेबर रूम में साफ- सफाई नहीं रहने पर गर्भवती मां व नवजात को संक्रमण हो सकता है. साथ ही चिकित्सक व कर्मी के भी संक्रमित हो सकते हें.

लेबर रूम व ओटी में जाने से पहले पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूमेंटस जरूर पहने
प्रशिक्षक ने बताया कि अस्पताल के सभी विभागों व आसपास स्वच्छता पर ध्यान देने की जरूरत है. खासकर ओटी व लेबर रूम जाने से पहले चिकित्सक व कर्मियों को क्रम के आधार पर पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूमेंटस पहनना चाहिये. ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. दयाशंकर ने कहा ओटी व लेबर रूम में प्रवेश से पहले चिकित्सक व कर्मी को सबसे पहले जूता पहनना चाहिये. जूता को कवर से ढ़क देना चाहिये. उसके बाद कैप, मास्क, चश्मा पहनना जरूरी होता है. इन चीजों को प्रयोग करने के बाद हाथ को साफ करना होता है. वहीं आपरेशन इक्यूमेंटस का ऑटो क्लेभ प्रक्रिया से सफाई करनी चाहिये. जबकि अस्पताल की सफाई ब्लीचिंग पाउडर से सफाई करना जरूरी होता है.
मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ आरसी झा, डॉ राहुल रंजन, डॉ अर्शमाला, डॉ एम भुषण, स्वास्थ्य प्रबंधक एस एन यादव, दिनेश आनन्द, दुखारन यादव, सतीश चन्द पांडे, मेडिकल लैब टेक्निशियन अकील अहमद अजय कुमार, सुर्य देव राय, धीरेन्द्र कुमार, एएनएम प्रभावती कुमारी, कलावती कुमारी आदि मौजूद थे.
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