हरियाणा के रेवाड़ी जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी जीजा को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने इस फैसले के साथ यह स्पष्ट संदेश दिया कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध, विशेषकर रिश्तों की आड़ में किए गए यौन अपराध, किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

👧 पीड़िता की आपबीती से खुला अपराध का सिलसिला
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 14 जून 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी दो बड़ी बहनों की शादी वर्ष 2015 में हो चुकी थी। जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ती थी, तब छुट्टियों में वह अपनी बहन के घर गई हुई थी।
उसी दौरान एक दिन उसकी बहन घर से बाहर थी और वह अकेली थी। इसी मौके का फायदा उठाकर उसके जीजा ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोपी ने घटना के बाद उसे धमकाया कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसकी बहन को छोड़ देगा और उसके पिता व भाई को जान से मार देगा। डर के कारण पीड़िता लंबे समय तक चुप रही।
🚨 लगातार दबाव और दोबारा अपराध
पीड़िता ने आगे बताया कि घटना के बाद आरोपी उसे कई बार स्कूल के बाहर मिलता और संबंध बनाने का दबाव डालता।
जब वह 12वीं कक्षा में थी, 1 जनवरी 2023 को आरोपी ने रास्ते में उसे रोककर जबरन बाइक पर बैठाया और रेवाड़ी के एक होटल में ले गया। वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर से जान से मारने की धमकी दी गई।
🏨 हरिद्वार यात्रा के दौरान भी किया अपराध
पीड़िता के अनुसार 4 जून 2023 को वह अपनी बहन और जीजा के साथ हरिद्वार गई थी। लौटते समय वे सोनीपत में एक किराये के मकान में रुके।
रात के समय आरोपी ने उसे फिर धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से टूटने लगी और घर लौटने पर परेशान रहने लगी।
जब परिवार ने उसकी हालत देखी और कारण पूछा, तब उसने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
👮 पुलिस कार्रवाई और अदालत में सुनवाई
शिकायत मिलने पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल साक्ष्य और अन्य गवाहों के आधार पर चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य पेश किए। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयान सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।
⚖️ अदालत का फैसला
अदालत ने आरोपी को
20 वर्ष की कठोर कैद
2.10 लाख रुपये का जुर्माना
की सजा सुनाई।
साथ ही आदेश दिया गया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त दो वर्ष की सजा भुगतनी होगी।
📌 समाज के लिए संदेश
यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, बल्कि यह समाज के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि
रिश्तों की आड़ में किए गए अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी,
नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को अदालतें गंभीरता से ले रही हैं,
और पीड़ितों की शिकायतों को कानूनी संरक्षण मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज का सहयोग बेहद जरूरी होता है, ताकि पीड़ित बच्चे डर के बजाय खुलकर अपनी बात कह सकें।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !