पंजाब के लुधियाना में शुक्रवार को तेज रफ्तार ने एक दर्दनाक सड़क हादसे को जन्म दे दिया, जिसमें दो परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। एलिवेटेड रोड पर हुई इस दुर्घटना में कार चला रहे छात्र और मोटरसाइकिल सवार कूरियर कर्मी की मौत हो गई, जबकि कार में बैठा दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

100 की रफ्तार बनी जानलेवा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्विफ्ट कार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फिरोजपुर हाईवे की एलिवेटेड रोड पर दौड़ रही थी। जैसे ही वाहन गडवासू के वेटरनरी अस्पताल के पास पहुंचा, चालक नियंत्रण खो बैठा। कार पहले डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में चली गई, जहां सामने से आ रही मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कार चालक छात्र को भी गंभीर चोटें आईं, जबकि उसके साथ बैठा युवक भी घायल हो गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बाइक सवार और कार चालक छात्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल युवक का उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान और पारिवारिक स्थिति
मृत बाइक सवार की पहचान 42 वर्षीय जगदीश कुमार के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में कूरियर डिलीवरी का काम करता था। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उसके पीछे पत्नी तथा दो छोटे बच्चे हैं।
वहीं कार चला रहा छात्र गौरांश बताया जा रहा है, जिसके पिता स्थानीय फैक्टरी संचालक हैं। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई और परिजन अस्पताल पहुंच गए।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलने पर थाना सराभा नगर पुलिस और चौकी रघुनाथ एन्क्लेव की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शहरों में बढ़ती रफ्तार और लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा चालकों में स्पीड को लेकर रोमांच की प्रवृत्ति अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है, जिससे न केवल उनकी बल्कि निर्दोष लोगों की जान भी चली जाती है।
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
जगदीश कुमार के परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जबकि छात्र गौरांश की मौत ने उसके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक पल की लापरवाही ने दो घरों की खुशियां छीन लीं।
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