देश का मौसम इन दिनों एक साथ दो बिल्कुल अलग रूप दिखाने जा रहा है। एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश लोगों को बेहाल करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बादल, बारिश और बर्फबारी का सिलसिला तेज होने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले चार से पांच दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां पूरी तरह विपरीत रहेंगी, जिससे आम जनजीवन पर भी असर पड़ना तय है।

मैदानों में बढ़ेगी गर्मी, लू का खतरा
उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पहले से गर्म चल रहे इलाकों में गर्मी और अधिक तीव्र हो जाएगी। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनेंगी। खासतौर पर दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान लू चलने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य और पश्चिम भारत में लू का अलर्ट
मध्य भारत और पश्चिमी क्षेत्रों में भी गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। 16 से 18 अप्रैल के बीच इन क्षेत्रों में तापमान में अचानक उछाल आ सकता है, जिससे हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। यहां पर दिन के समय तेज धूप के साथ-साथ रात के तापमान में भी ज्यादा राहत नहीं मिलेगी। ऐसे में लोगों को लगातार पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
पहाड़ों में बदलेगा मौसम का मिजाज
जहां मैदानों में गर्मी का असर बढ़ेगा, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगा। 16 अप्रैल से बादल छाने लगेंगे और 17 व 18 अप्रैल को बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने इन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 15 अप्रैल के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका प्रभाव जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे मौसम ठंडा हो जाएगा।
उत्तराखंड में भी 16 से 18 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम की जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय रहेगा मौसम
पूर्वोत्तर भारत में आने वाले दिनों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 14, 15 और 18 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को तेज बारिश हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी मौसम बदला-बदला रहेगा और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
इस तरह की मौसमीय गतिविधियों से इन इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में उमस और हल्की बारिश
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में गर्मी के साथ-साथ उमस लोगों को परेशान करेगी। दिन के समय तापमान ज्यादा रहने के कारण पसीना और चिपचिपाहट बढ़ेगी, जिससे असहजता महसूस हो सकती है।
हालांकि, केरल और कर्नाटक में 13 से 16 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन उमस का स्तर बना रहेगा।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस बदलते स्वरूप को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गर्मी और लू से बचने के लिए दिन के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए। हल्के और ढीले कपड़े पहनना, अधिक पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
वहीं, जिन इलाकों में बारिश और आंधी की संभावना है, वहां खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश का मौसम पूरी तरह दो हिस्सों में बंटा नजर आएगा। जहां एक ओर मैदानी इलाकों में गर्मी और लू लोगों की परीक्षा लेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी मौसम को ठंडा और सुहावना बनाएगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग अपने-अपने क्षेत्रों के मौसम के अनुसार खुद को तैयार रखें और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
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