सरधना क्षेत्र के मोहल्ला भाटवाड़ा में उस समय मातम छा गया, जब हापुड़ में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 21 वर्षीय युवक की मौत की खबर घर पहुंची। मृतक की पहचान मोहम्मद अजहर पुत्र मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है। अजहर की असमय मौत ने न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बस यही सवाल था कि आखिर इतनी कम उम्र में जिंदगी क्यों छिन गई।

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद अजहर सोमवार को किसी जरूरी काम से स्कूटी लेकर हापुड़ गया था। वह रोजमर्रा के कामों में परिवार का सहयोग करता था और मेहनती व जिम्मेदार युवक के रूप में जाना जाता था। सोमवार शाम को जब वह काम निपटाकर वापस सरधना लौट रहा था, तभी हापुड़ क्षेत्र में ही पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अजहर सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अजहर को तत्काल अस्पताल भिजवाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जैसे ही हादसे की सूचना पुलिस के माध्यम से अजहर के परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजन बदहवास हालत में हापुड़ के लिए रवाना हो गए। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध हो गई, वहीं पिता अपने आंसुओं को रोक नहीं सके। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को जब पोस्टमार्टम के बाद अजहर का शव सरधना स्थित उसके घर पहुंचा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। घर में मातम पसरा हुआ था। अजहर की मां बेटे का चेहरा देखकर बार-बार बेसुध हो जा रही थी, वहीं परिवार की महिलाएं दहाड़ें मारकर रो रही थीं। मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार सांत्वना देने के लिए घर पहुंचते रहे, लेकिन गम का माहौल ऐसा था कि किसी के पास कहने के लिए शब्द नहीं थे।
बताया जा रहा है कि अजहर अपने माता-पिता का सहारा था। वह घर के खर्चों में हाथ बंटाता था और भविष्य को लेकर कई सपने देख रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार की दुनिया उजड़ गई। पड़ोसियों का कहना है कि अजहर बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव का लड़का था। किसी से ऊंची आवाज में बात करना उसे पसंद नहीं था। उसकी मौत से मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार शाम को गमगीन माहौल में अजहर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे। कब्रिस्तान में जैसे ही अजहर को अंतिम विदाई दी गई, वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। पिता ने कांपते हाथों से बेटे को मिट्टी सौंपी, वह मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन अज्ञात वाहन सड़क हादसों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को इंसाफ नहीं मिल पाता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाई जाए।
फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक को पकड़ लिया जाएगा।
एक हंसता-खेलता युवक यूं अचानक दुनिया से चला जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। अजहर की मौत ने उसके परिवार को ऐसी पीड़ा दी है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। आज भी उसके घर में सन्नाटा पसरा है और हर कोना उसकी यादों से भरा हुआ है।
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