पंजाब के बठिंडा से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कांग्रेस से जुड़े नेता सुखराज नट्ट के बेटे दविंदर नट्ट ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के मुताबिक, दविंदर नट्ट ने अपने घर के अंदर ही अपने पिता की लाइसेंसी 30 बोर पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। घटना उस समय हुई जब घर के अन्य सदस्य आसपास ही मौजूद थे। अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उस कमरे की ओर दौड़े, जहां दविंदर मौजूद थे। जब दरवाजा खोला गया तो वह खून से लथपथ पड़े थे। उन्हें तुरंत संभालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस घटना ने उस समय और भी गंभीर मोड़ ले लिया, जब यह सामने आया कि दविंदर ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में अपने साथ हुए कथित धोखे और आर्थिक नुकसान की पूरी कहानी बयान की।
वीडियो की शुरुआत में दविंदर ने बेहद शांत लेकिन भावुक आवाज में कहा, “सत श्री अकाल… मैंने आज तक कभी कोई वीडियो नहीं बनाया, लेकिन आज मुझे मजबूर होकर यह करना पड़ रहा है। यह मेरी जिंदगी का पहला और आखिरी वीडियो है।” इसके बाद उन्होंने एक-एक कर अपनी परेशानी और आरोपों को सामने रखा।
दविंदर ने मोहाली के एक बिल्डर और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुषमा ग्रुप से जुड़े बिंदरपाल मित्तल, उनके बेटे प्रतीक मित्तल और भारत मित्तल ने उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इन लोगों पर भरोसा करके अपनी जिंदगी की बड़ी रकम उन्हें सौंप दी, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ धोखा मिला।
वीडियो में दविंदर ने अपने परिवार की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पिता सुखराज नट्ट कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं और तीन बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने परिवार के भविष्य के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी और उस पैसे को निवेश के तौर पर संबंधित लोगों को दिया गया था।
इतना ही नहीं, दविंदर ने यह भी बताया कि उनके पिता के निधन के बाद जो पैसे उन्हें मिले थे, उन्होंने वह भी उसी बिल्डर को दे दिए। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि बार-बार पैसे मांगने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। समय बीतता गया, लेकिन उनका पैसा वापस नहीं किया गया। इस पूरे मामले ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।
वीडियो में दविंदर की आवाज में निराशा साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां तक भी पहुंचाई, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी। उन्हें हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी।
अपने अंतिम शब्दों में उन्होंने कहा कि अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है और वह इस दुनिया को अलविदा कहने जा रहे हैं। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने खुद को गोली मार ली।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, दविंदर द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो को भी जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी हर एंगल से जांच की जाएगी। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में कोई बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी हुई थी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव इंसान को किस हद तक तोड़ सकते हैं। दविंदर नट्ट का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि जब व्यक्ति खुद को पूरी तरह अकेला और असहाय महसूस करता है, तो वह कितना बड़ा और खतरनाक फैसला ले सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दविंदर एक शांत और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। उनकी अचानक हुई मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि इस पूरे मामले की असली वजह क्या थी।
यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि किसी भी तरह की आर्थिक या मानसिक परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय रहते सही कदम उठाना और मदद लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक गलत फैसला कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकता है।
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