
कमलेश वर्मा (लखनऊ) :: मलिहाबाद इलाके में जगह जगह झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है और भोली भाली जनता से इलाज के नाम पर मनमानी धन उगाही हो रही है। तहसील क्षेत्र के कस्बे सहित ग्रामीण इलाको में ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टर दसवीं पास है जो इलाज के नाम पर सैकड़ो मरीजो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन अनुभवहीन डाक्टरो के चंगुल में फसकर कई मरीजो की जान भी जा चुकी है। आलम यह है कि जब कोई बड़ी घटना होती है तब सरकारी मोहकमा नींद से उठता है और कुछ दिनों तक इन अस्पतालों में ताला पड़ जाता है लेकिन कुछ समय बीतने के बाद इनके अस्पताल फिर रोशन हो जाते है। इन अनुभवहीन डाक्टरो का मकड़जाल। गांव के चौराहों पर डटे हाईस्कूल,इंटर और स्नातक पास इन झोलाछाप डॉक्टरो के पास लगभग हर प्रकार की मर्ज की दवा उपलब्ध रहती है। कही गुमटी तो कही शटर के अंदर मेज डाल कर पूरे इंतजाम के साथ बैठे इन डॉक्टरों को रोकने वाला कोई नही। सूत्र बताते हैं कि रहीमाबाद क्षेत्र के रुसेना गांव के चौराहे पर एक लकड़ी की गुमटी में दुकान सजाय बैठे झोलाछाप डॉक्टर जो हाईस्कूल पास है रोज दर्जनों मरीज देखते है।
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अनुभव के नाम पर यह कहते है कि एक निजी अस्पताल में तीन साल प्रैक्टिस के बाद गांव के बाहर एक गुमटी में अस्पताल खोल लिया। सर्दी जुखाम बुखार की इलाज करते है। प्रत्येक मरीज से एक बार की दवा देने के एवज में 30 रुपये वसूलते हैं। वही चैना गांव के चौराहे पर एक दुकान में मेज कुर्सी डाल कर बैठे झोला डॉक्टर बताते है कि बीएससी पास है। पांच साल प्रैक्टिस के बाद अस्पताल खोल दिया है 30 से 35 मरीज रोज,देखते है करीब 40 से 60 रुपये प्रति मरीज से दवा के वसूलते हैं। वही तिलन रामनगर अटेर जमोलिया लोधई चौसझा आदि गांवों में बिना डिग्री लिए बैठे झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते किसी भी समय देखे जा सकते हैं।इसी तरह मलिहाबाद क्षेत्र के महमूद नगर, सहिलामऊ, कसमंडी कला, हसनापुर पुलिया, अमानीगंज जमोलिया,खड़ता,दतली, महदोईया,कसमण्डी खुर्द ,बरगदी,गौंदा,हरिहरपुर, सेंधरवा सहित ज्यादातर गांवो व कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर अपना अस्पताल पूरी मुस्तैदी से निडर होकर संचालित कर रहे है। इस सम्बन्ध में सीएचसी अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार ने कहा कि जल्द ही इन झोलाछाप डाक्टरो के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जायेगा।
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