सुपौल/निर्मली : कोसी नदी के अंदर बना सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध गुरुवार की देर रात करीब डेढ़ बजे चुटियाही के पास टूट गया। तटबंध टूटने से निर्मली प्रखंड के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
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सैकड़ों एकड़ खेत में लगी धान की फसल डूब गई है। तटबंध टूटने से करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है। साथ ही कुनौली और कमलपुर पंचायत का सीधा संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया है। क्षतिग्रस्त तटबंध को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी वहां कैंप कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार शाम 5 बजे तक स्थिति यथावत रही।

बताया जा रहा है कि चुटियाही के पास तटबंध पर पिछले कुछ दिनों सीपेज के कारण दबाव बना रहा था। गुरुवार की रात अचानक से 10 फीट तटबंध आवाज के साथ टूट गया। फिलहाल लगभग 50 फीट तटबंध पानी में बह चुका है। पानी की तेज धारा से तटबंध का टूटना जारी है। उधर, तटबंध टूटने की खबर रात में ही आग की फैल गई। आसपास बसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। रात में ही ग्रामीण घरों से जरूरी सामान लेकर तटबंध और एनएच-57 सहित अन्य ऊंचे स्थलों पर शरण लेने लगे।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी क्षतिग्रस्त तटबंध स्थल पर कैंप कर रहे हैं। विभागीय मंत्री और सचिव इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। विस्थापित परिवारों के बीच राहत सामग्री बांटी जा रही है। दो जगह कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है।
– महेंद्र कुमार, डीएम, सुपौल

सूचना मिलने पर रात को ही निर्मली अनुमंडल के सभी वरीय पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। शुक्रवार सुबह डीएम महेंद्र कुमार, एसपी मनोज कुमार भी वहां पहुंचे और कई घंटों तक कैंप किया।

सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने से पहले दो दिन पहले टूटे सुरक्षा बांध को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। शुक्रवार देर रात तक तटबंध को दुरुस्त करने का प्रयास है।
– मनोज रमन, चीफ इंजीनियर, जल संसाधन विभाग

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