उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बहुचर्चित बवाल से जुड़े मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस मामले में 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया है। मंगलवार शाम जारी आदेश के अनुसार उन्हें संभल से सुल्तानपुर स्थानांतरित कर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) बनाया गया है। इस प्रशासनिक फैसले के सामने आते ही संभल और चंदौसी के अधिवक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

दरअसल, 24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान फायरिंग और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे। कुछ दिन पहले यामीन नामक व्यक्ति ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोप लगाया था कि उसका बेटा आलम उस दिन बिस्कुट बेचने के लिए ठेले पर घर से निकला था। बवाल के दौरान हुई गोलीबारी में आलम को तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
यामीन का आरोप है कि पुलिस के डर से उन्होंने घटना की सही जानकारी छिपाई और घरेलू विवाद का मामला बताकर मेरठ में छिपकर इलाज कराया। उनका कहना है कि आलम की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। यामीन ने अपनी अर्जी में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाल अनुज तोमर सहित कई पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने का गंभीर आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि पुलिस की ओर से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिस कारण वे न्याय के लिए अदालत पहुंचे हैं।
इस मामले में सीजेएम विभांशु सुधीर ने यामीन की अर्जी को गंभीर मानते हुए अनुज चौधरी, अनुज तोमर समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। यह आदेश सामने आते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मच गई थी।
गौरतलब है कि एफआईआर के आदेश से ठीक एक दिन पहले यामीन की पत्नी और आलम की मां शाहजहां ने मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना के बावजूद पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की और एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शाहजहां ने भी न्याय की गुहार लगाई थी।
इसी बीच मंगलवार शाम को सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले का आदेश जारी हो गया। इस फैसले के बाद स्थानीय वकीलों और कानूनी जानकारों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, तबादले को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन समय और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बवाल के समय संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी वर्तमान में फिरोजाबाद जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के पद पर तैनात हैं। अब देखना यह होगा कि एफआईआर के आदेश और न्यायिक प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है।
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