मिंकी हत्याकांड ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम, शक और लालच के इस खतरनाक मेल ने एक पढ़ी-लिखी युवती की नृशंस हत्या को जन्म दिया। आरोपी विनय ने जिस क्रूरता और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया, उसने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया, बल्कि यह भी दिखाया कि अपराध की दुनिया में फिल्मी कहानियां कैसे हकीकत बनती जा रही हैं।

पुलिस जांच के मुताबिक, मिंकी एक निजी कंपनी में पिछले चार वर्षों से एचआर के पद पर कार्यरत थी। वहीं, विनय करीब दो साल पहले उसी कंपनी में नौकरी पर आया था। काम के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और जल्द ही यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। जाति अलग होने के बावजूद मिंकी विनय से शादी करना चाहती थी। शुरुआत में विनय भी इसके लिए तैयार दिखा। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और भविष्य के सपने संजोए। लेकिन यह रिश्ता ज्यादा दिन सुकून भरा नहीं रह सका।

करीब छह महीने पहले विनय के मन में शक ने घर कर लिया। वह मिंकी की हर बात, हर हरकत को संदेह की नजर से देखने लगा। उसे लगता था कि मिंकी किसी और से भी बात करती है और उससे कुछ छिपा रही है। मिंकी बार-बार समझाती रही कि फोन पर बातचीत ऑफिस से जुड़ी होती है, लेकिन विनय का शक कम होने के बजाय और गहराता गया। इसी बीच पैसों को लेकर भी दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। विनय का आरोप है कि मिंकी उससे बार-बार पैसे मांग रही थी। पूछने पर उसने कहा था कि उसके भाई की शादी है और पैसों की जरूरत है। विनय पैसे देना नहीं चाहता था, वहीं उसे यह भी खल रहा था कि मिंकी उसे छोड़कर किसी और से शादी न कर ले।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि विनय अंदर ही अंदर गुस्से से भर चुका था। वह कई दिनों से मानसिक तनाव में था और इसी दौरान उसने चाकू खरीद लिया। यह साफ संकेत था कि वह किसी खतरनाक इरादे को मन में पाल रहा था। घटना वाले दिन जब मिंकी ऑफिस आई, तो दोनों के बीच फिर से तीखी बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि विनय ने अपना आपा खो दिया और चाकू से मिंकी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, मिंकी पर कुल आठ बार चाकू से वार किए गए। सबसे पहले उसकी गर्दन पर वार कर नस काटी गई। मिंकी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन विनय का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। उसने सिर, पेट और हाथों पर लगातार वार किए। वह तब तक चाकू चलाता रहा, जब तक मिंकी की सांसें थम नहीं गईं। हत्या के बाद भी वह काफी देर तक वहीं बैठा रहा और यह सोचता रहा कि अब आगे क्या किया जाए।

यहीं से शुरू हुआ अपराध को छिपाने का खौफनाक खेल। विनय ने फिल्म ‘दृश्यम-2’ और क्राइम सीरियल्स से मिले आइडिया को हकीकत में उतारने की कोशिश की। उसे लगा कि अगर शव की पहचान न हो पाए, तो वह बच सकता है। इसी सोच के तहत उसने शव से सिर अलग कर दिया। मिंकी के कपड़े उतारकर उन्हें अलग पॉलिथीन में रखा गया। सिर और कपड़ों को अलग-अलग पैक किया गया और मिंकी का मोबाइल फोन भी उसने अपने पास रख लिया।

शव को ठिकाने लगाने में भी विनय को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पॉलिथीन छोटी होने के कारण धड़ उसमें ठीक से नहीं आ रहा था। इस पर उसने पैरों पर चाकू चलाया, जिससे हड्डियां आंशिक रूप से कट गईं और पैर मुड़ गए। इसके बाद उसने शव को पॉलिथीन में भरकर टेप से सील कर दिया। पूरी वारदात के दौरान उसने यह ध्यान रखा कि कोई उसे देख न ले।

रात करीब 11 बजे, जब ऑफिस के बाहर आवाजाही कम हो गई, तब विनय शव को बोरे में भरकर लिफ्ट तक घसीटता हुआ ले गया। भूतल पर पहुंचने के बाद उसने बोरा मिंकी की स्कूटी पर रखा और वहां से निकल पड़ा। वह हरीपर्वत होते हुए भगवान टॉकीज की ओर गया। पहले उसने सिकंदरा की तरफ जाने की कोशिश की, लेकिन वहां लोगों की आवाजाही ज्यादा थी, इसलिए वह वापस लौट आया।
अंत में वह जवाहर पुल पहुंचा और बोरे को यमुना में फेंकने की कोशिश की। लेकिन बोरा भारी होने के कारण वह रेलिंग तक नहीं उठा पाया। इसी दौरान राहगीरों की आवाजाही बढ़ने लगी। पकड़े जाने के डर से उसने बोरे को वहीं छोड़ दिया और वहां से भाग निकला।
हत्या के बाद विनय ने ऑफिस में फैले खून को कपड़ों की मदद से साफ करने की कोशिश की। पुलिस ने जब घटना का खुलासा किया, तो फॉरेंसिक टीम को बुलाकर ऑफिस की गहन जांच कराई गई। केमिकल की मदद से नमूने लिए गए और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर जब्त की गई। जांच में स्कूटी, कपड़े और मोबाइल फोन जैसे अहम सबूत भी बरामद हुए हैं।
पुलिस पूछताछ के दौरान विनय कभी अफसोस जताता दिखा, तो कभी भावनात्मक ड्रामा करता रहा। उसने कहा कि वह मिंकी के बिना जी नहीं पाएगा और खुद भी मरना चाहता है। हालांकि पुलिस उसके इन बयानों को महज दिखावा मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की, उससे साफ है कि वह बचना चाहता था। फिलहाल पुलिस सिर की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है और मामले की हर कड़ी को जोड़कर आरोपी के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है।
मिंकी हत्याकांड न सिर्फ एक प्रेम कहानी का दुखद अंत है, बल्कि यह भी एक चेतावनी है कि शक और गुस्से को समय रहते काबू में न किया जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है
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