मेरठ/पश्चिमी उत्तर प्रदेश: पहाड़ी इलाकों में जारी भारी हिमपात का असर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। तेज ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को बारिश की संभावना जताई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

धूप रही, लेकिन ठंड हावी
रविवार को दिनभर मौसम शुष्क रहा, लेकिन पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक बनी रही, जिससे सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया गया।
27–28 जनवरी को बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश होने की स्थिति में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, साथ ही शीतलहर का असर भी तेज हो सकता है।
तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव
बीते एक सप्ताह से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले कुछ दिनों तक हल्की गर्मी का एहसास हुआ, लेकिन पिछले दो दिनों से ठंड ने फिर से जोर पकड़ लिया है। बारिश और नमी बढ़ने के कारण वातावरण में ठिठुरन बनी हुई है।
न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री तक लुढ़का
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान हवाएं 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जिससे सर्दी का असर और बढ़ गया।
ठंडी हवाओं से प्रदूषण में राहत
तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में भी कुछ सुधार देखा गया है। रविवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 119 दर्ज किया गया, जो पहले की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
आगे भी जारी रह सकता है ठंड का दौर
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का सिलसिला बना रह सकता है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में एक बार फिर बारिश के आसार भी बन सकते हैं।
कुल मिलाकर, पहाड़ों की बर्फबारी के चलते पश्चिमी यूपी में सर्दी का असर अभी बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड और संभावित बारिश को देखते हुए सावधानी बरतें।
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