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झिलमिल में बुजुर्ग महिला की मौत, बेटी की सतर्कता से उजागर हुआ हिट एंड रन मामला

झिलमिल इलाके में एक बुजुर्ग महिला की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया। प्रारंभिक तौर पर यह हादसा केवल एक सामान्य गिरने की घटना लग रहा था, लेकिन महिला की बेटियों की सतर्कता और जिज्ञासा ने असली हकीकत उजागर कर दी। पुलिस भी शुरू में इसे साधारण हादसा मानकर मामले की गंभीरता को कम आंक रही थी, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि यह वास्तव में एक हिट एंड रन मामला था।

घटना झिलमिल ईएसआईसी अस्पताल के पास हुई। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय उमा, जो परिवार के साथ झिलमिल में रहती थीं और योजना विहार में घरेलू सहायिका का काम करती थीं, अचानक घर वापस नहीं लौटीं। उनका पति राम सिंह रेस्टोरेंट में काम करते हैं। 25 जनवरी की रात उमा घर नहीं पहुंचीं, जिससे उनके परिवार में चिंता का माहौल बन गया। बेटी गंगा ने कई बार कॉल की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

रात करीब 12 बजे अस्पताल में पता चला कि उमा स्ट्रेचर पर बेहोशी की हालत में थीं। उन्हें गंभीर चोटें आई हुई थीं और उनका इलाज शुरू हुआ। तीन दिन तक उमा होश में नहीं आईं और 28 जनवरी को उनका इलाज जारी रहने के बावजूद निधन हो गया। परिवार और खासकर बेटियों को यह घटना असामान्य लगी। उन्हें संदेह हुआ कि इतनी गंभीर चोटें केवल चक्कर खाने से नहीं हो सकतीं।

बड़ी बेटी धुपा ने पिता के साथ मिलकर झिलमिल सी ब्लॉक का रुख किया और वहां के स्थानीय लोगों, दुकानदारों से पूछताछ शुरू की। इस खोजबीन में उन्हें एक युवक मिला, जो शाम के समय काफी का स्टाल लगाता था। युवक ने बताया कि उमा को एक स्पलेंडर बाइक पर सवार दो युवकों ने टक्कर मारी थी। इस टक्कर से उनकी सिर में गंभीर चोटें आई थीं।

जानकारी के अनुसार, बाइक सवार दोनों युवक घटना के बाद वहां से भाग नहीं गए बल्कि उमा को रिक्शे में बैठाकर अस्पताल तक ले गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद वे तुरंत फरार हो गए। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उनका फोटो मोबाइल में ले लिया था।

उमा की बेटियों ने पुलिस को तर्कपूर्ण शिकायत दी कि उनकी मां की मौत दुर्घटना से नहीं, बल्कि हिट एंड रन से हुई थी। यदि वे मौके पर नहीं पहुंचतीं और खुद जांच नहीं करतीं, तो शायद सच्चाई कभी सामने नहीं आती। उनके प्रयास ने मामले को एक साधारण हादसे से एक गंभीर अपराध में बदल दिया।

विवेक विहार पुलिस ने बेटियों की शिकायत के आधार पर लापरवाही से वाहन चलाने के कारण मौत का मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारी प्रशांत गौतम ने बताया कि आरोपी युवकों की तलाश जारी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

जानकारी के अनुसार, उमा का परिवार झिलमिल में लंबे समय से रह रहा था। पति राम सिंह रेस्टोरेंट में काम करते हैं और उनके जीवन में उमा हमेशा परिवार की देखभाल करती थीं। परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, उमा हमेशा शांत और सभ्य स्वभाव की महिला थीं। उनका इस तरह अचानक निधन परिवार के लिए एक बड़ा सदमा है।

पुलिस जांच के अनुसार, घटना के समय बाइक पर सवार दोनों युवकों ने तेजी से महिला को टक्कर मारी थी। इसके बाद वे उसे अस्पताल तक लेकर गए लेकिन पुलिस की नजर बचाकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना के समय के बयान दिए और कुछ ने फोटो भी मोबाइल में कैद किया।

बेटियों का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए था। यदि उन्होंने घटनास्थल पर जाकर आसपास के लोगों से बात नहीं की होती, तो पुलिस को भी यह पता नहीं चलता कि मामला सिर्फ एक सामान्य गिरने का हादसा नहीं था। बेटियों की सतर्कता और परिवार की हिम्मत के कारण ही यह मामला हिट एंड रन के रूप में उजागर हुआ।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर आरोपी युवकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। अधिकारी प्रशांत गौतम ने कहा कि आरोपी जल्द ही पकड़ में आने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि हिट एंड रन जैसी घटनाओं में अक्सर आरोपियों के फरार होने की संभावना होती है, लेकिन जागरूक परिवार और स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे मामलों में न्याय मिल सकता है।

यह घटना यह संदेश देती है कि सिर्फ पुलिस या प्रशासन पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। कभी-कभी परिवार और नागरिकों की सतर्कता और सक्रियता ही सच सामने लाती है। झिलमिल की यह घटना एक उदाहरण बन गई है कि अगर बेटियों ने सावधानी और जिज्ञासा नहीं दिखाई होती, तो मामला बस एक साधारण हादसे के रूप में दर्ज हो जाता और सच्चाई छिपी रहती।

इस पूरे मामले ने इलाके के लोगों को भी चौकन्ना कर दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी ऐसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील रहने की जरूरत है।

अंत में यह स्पष्ट हो गया कि उमा की मौत केवल दुर्घटना नहीं थी, बल्कि यह एक गंभीर हिट एंड रन का मामला था। उनकी बेटियों की सतर्कता ने पूरे मामले को सही दिशा दी और न्याय की उम्मीद जगी। पुलिस की जांच जारी है और इलाके के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आरोपित जल्द ही पकड़ में आएंगे और कानून के अनुसार दंडित होंगे।

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