राजधानी दिल्ली एक बार फिर खून से लाल हो गई। महज 24 घंटे के भीतर चार अलग-अलग इलाकों में हुई चार हत्याओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। कहीं मोबाइल चार्ज न करने पर जान चली गई, कहीं शक की आग में निर्दोष को मार डाला गया, तो कहीं लूटपाट का विरोध करना मौत की सजा बन गया। इन वारदातों के बाद अधिकतर आरोपी फरार हैं, जिससे लोगों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है।

शक की आग में हत्या: गोकुलपुरी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में पत्नी के चरित्र पर शक एक युवक की जान ले बैठा। आरोपी गौरी शंकर यादव ने अपनी पत्नी के दोस्त रवि शर्मा (28) को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। घटना शनिवार-रविवार की रात की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी कुछ समय से बेरोजगार था और हाल ही में गुजरात से दिल्ली लौटा था। घर पहुंचते ही उसने पत्नी के दोस्त को घर में देखा, जिस पर विवाद शुरू हो गया। रात में आरोपी और रवि छत पर सोए, लेकिन सुबह पत्नी ने रवि को खून से लथपथ हालत में पाया। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और पास में ही खून से सना डंडा पड़ा था। आरोपी वारदात के बाद से फरार है।
मोबाइल चार्ज न करने पर मौत: कल्याणपुरी
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में एक मामूली विवाद ने कारोबारी की जान ले ली। त्रिलोकपुरी में ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाने वाले वीर सिंह (35) से तीन युवकों ने मोबाइल चार्ज करने की अनुमति मांगी। मना करने पर गुस्साए आरोपियों ने पहले मारपीट की और फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
वीर सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बीच-बचाव में आए उनके सहयोगी राम किशन भी घायल हुए। इस वारदात के बाद इलाके में भारी हंगामा हुआ। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
फोन न देने पर नाबालिग की हत्या: मोती नगर
पश्चिमी दिल्ली के मोती नगर इलाके में बदमाशों की बेरहमी ने सभी को झकझोर दिया। डीडीए पार्क में 16 वर्षीय जावेद से कुछ युवकों ने कॉल करने के लिए मोबाइल मांगा। मना करने पर चाकू से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल जावेद को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
हैरानी की बात यह है कि कुछ ही देर बाद उसी पार्क में कंधा टकराने की मामूली बात पर एक अन्य युवक पर भी चाकू से हमला कर दिया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
लूट का विरोध पड़ा भारी: बवाना
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में लूटपाट के दौरान कारोबारी वैभव गांधी (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने उनकी फैक्टरी के बाहर बैग लूट लिया, जिसमें लैपटॉप और अन्य कीमती सामान था। विरोध करने पर आरोपियों ने कई राउंड फायरिंग कर दी।
एक गोली सिर में और अन्य गोलियां पैरों में लगीं। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इन चारों हत्याओं ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर चाकू और गोली चल जाना अब आम हो गया है। अपराधियों में कानून का डर खत्म होता दिख रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। लेकिन 24 घंटे में चार हत्याएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि दिल्ली में अपराध बेलगाम होता जा रहा है।
दहशत और गुस्से में लोग
घटनाओं के बाद कई इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सवाल यही है कि क्या राजधानी में आम आदमी सुरक्षित है?
दिल्ली की सड़कों पर फैला यह डर अब केवल अपराध की खबर नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए एक चेतावनी बन चुका है।
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