वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र स्थित परेडकोठी के एक होटल में हैदराबाद निवासी भाई-बहन की मौत का मामला गहराता जा रहा है। दोनों अपने परिवार की बड़ी बहन की अस्थियां विसर्जित करने काशी आए थे, लेकिन चेकआउट से ठीक पहले होटल के कमरे में मृत पाए गए। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। अब परिजनों के काशी पहुंचने के बाद शनिवार को शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, हैदराबाद निवासी गणेश गौड़ गुनालापल्ली (46) और उनकी बहन लक्ष्मी गुनालापल्ली (38) आठ फरवरी को वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने सिगरा क्षेत्र के होटल सिटी इन में कमरा नंबर 2005 बुक कराया था। होटल प्रबंधन को उन्होंने बताया था कि वे काशी दर्शन और पूजन के लिए आए हैं। उनका चेकआउट 10 फरवरी को निर्धारित था।
मंगलवार दोपहर जब होटल स्टाफ ने चेकआउट की प्रक्रिया के लिए कमरे पर संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। पहले इंटरकॉम पर कॉल किया गया, फिर मोबाइल नंबर पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया, पर अंदर से सन्नाटा रहा। स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई।
सिगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो दोनों भाई-बहन कमरे के फर्श पर मृत पड़े थे। कमरे की तलाशी में उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड मिले, जिनसे उनकी पहचान की पुष्टि हुई। साथ ही कमरे से 6.61 लाख रुपये नकद, कुछ दवाइयां और बड़ी बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र बरामद हुआ। एक कागज पर अंग्रेजी में “सॉरी, फॉरगिव अस” लिखा मिला, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों भाई-बहन हाल ही में अपनी बड़ी बहन अमला देवी की अस्थियां लेकर काशी आए थे। अमला देवी का निधन 28 जनवरी को हुआ था। परिवार के माता-पिता का देहांत दो वर्ष पहले ही हो चुका था। बताया जा रहा है कि 10 फरवरी को बड़ी बहन की तेरहवीं थी। ऐसे में दोनों का काशी आना धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ा हुआ था।
होटल मैनेजर आसिफ के अनुसार, दोनों ने सामान्य तरीके से कमरा लिया था और पिछले दो दिनों में उन्होंने किसी तरह की असामान्य गतिविधि नहीं दिखाई। वे काशी दर्शन के लिए बाहर भी गए थे। स्टाफ के मुताबिक, वे शांत स्वभाव के थे और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। मंगलवार को उन्हें होटल खाली करना था, लेकिन समय बीतने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो शक गहराया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और एफएसएल टीम को बुलाकर कमरे की बारीकी से जांच कराई। प्राथमिक तौर पर विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को हैदराबाद से मृतकों के दो परिजन वाराणसी पहुंचे। पुलिस के अनुसार, शनिवार को औपचारिक शिनाख्त कराई जाएगी, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी सूचना दे दी गई है और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक अनुष्ठान के लिए काशी आए भाई-बहन ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कमरे से मिली नकदी और दस्तावेज इस बात की ओर संकेत करते हैं कि घटना पूर्वनियोजित हो सकती है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। मानसिक तनाव, पारिवारिक परिस्थितियां या अन्य कारण—सभी बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और होटल स्टाफ के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा है। काशी जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक शहर में इस तरह की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल दोनों शवों को सुरक्षित रखवाया गया है। शनिवार को शिनाख्त और पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या मृतकों ने किसी को पहले से कोई संकेत दिया था।
यह मामला न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी चिंतन का विषय बन गया है। धार्मिक यात्रा पर आए दो भाई-बहन का इस तरह अंत होना कई सवालों को जन्म देता है। पुलिस की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !