देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और इस बार तस्वीर बेहद उलझी हुई नजर आ रही है। जहां पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश ठंड का अहसास करा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के इस दोहरे रूप ने लोगों को हैरान कर दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही कई राज्यों में गर्मी का अहसास शुरू हो जाएगा। यह चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी की है।
❄️ पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में गर्मी
उत्तर भारत का मौसम इस समय दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है।
एक ओर हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है। रोहतांग दर्रे जैसे ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू के निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश ने ठंड बढ़ा दी।
दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे मैदानों में गर्मी महसूस होगी।
🏔️ उत्तराखंड में बर्फ, घाटियों में धूप
इसी तरह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में हिमालय की चोटियों पर बर्फबारी हुई है। गुंजी, कालापानी और दारमा घाटियों में बर्फ गिरने से स्थानीय लोगों को फिर से ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि निचले इलाकों में मौसम सुहावना बना हुआ है। दिन में हल्की धूप निकल रही है, जिससे तापमान संतुलित बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में अभी कुछ दिन हल्की बर्फबारी या बारिश की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम शुष्क होने लगेगा।
🌡️ मैदानों में बढ़ने लगा पारा
उधर, राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।
राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, जिससे दिन में धूप तेज हो सकती है।
फतेहपुर जैसे कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकतर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जो मौसम के बदलते संकेत दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव मार्च की शुरुआत में गर्मी के जल्दी आने का संकेत हो सकता है।
☀️ कश्मीर में भी बढ़ी गर्माहट
जहां पहाड़ों के कुछ हिस्सों में बर्फबारी हो रही है, वहीं कश्मीर घाटी में तापमान सामान्य से कहीं अधिक दर्ज किया गया है।
रविवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 10 डिग्री ज्यादा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह का तापमान फरवरी में असामान्य माना जाता है और यह जलवायु परिवर्तन के संकेतों में से एक हो सकता है।
🌧️ पूर्वोत्तर और दक्षिण में बारिश के आसार
मौसम का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है।
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्र, असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा हो सकती है।
इसके साथ ही तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
🌊 अंडमान-निकोबार में भी बदलेगा मौसम
23 से 26 फरवरी के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
🌪️ अचानक बदले मौसम ने उड़ान भी रोकी
मौसम के इस अनिश्चित मिजाज का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा।
असम के डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर तेज धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे अहमदाबाद से आ रही इंडिगो की फ्लाइट को डायवर्ट कर इंफाल भेजना पड़ा।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चालक दल ने तुरंत निर्णय लिया, जिससे संभावित जोखिम टल गया।
यह घटना बताती है कि मौसम का अचानक बदलना केवल तापमान तक सीमित नहीं, बल्कि परिवहन और जनजीवन पर भी असर डाल सकता है।
🌍 मौसम का यह उलटफेर क्यों?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में यह बदलाव कई कारणों से हो रहा है:
पश्चिमी विक्षोभ का असर
शुष्क हवाओं का प्रभाव
बादलों की कमी
जलवायु परिवर्तन के संकेत
इन कारणों की वजह से पहाड़ों और मैदानों में मौसम का फर्क बढ़ता जा रहा है।
⏳ आगे क्या होगा?
आने वाले सप्ताह में:
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ेगा
पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी संभव
मैदानों में दिन का तापमान तेज होगा
पूर्वी भारत में बारिश के आसार बने रहेंगे
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत तक मौसम का यह मिश्रित पैटर्न जारी रह सकता है।
📌 निष्कर्ष
देश का मौसम इस समय पूरी तरह संतुलित नहीं, बल्कि विरोधाभासी रूप दिखा रहा है।
एक ओर बर्फबारी ठंड का एहसास करा रही है, दूसरी ओर मैदानों में गर्मी की दस्तक शुरू हो चुकी है।
यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो फरवरी के अंत में ही कई इलाकों में गर्मी का असर महसूस होने लगेगा।
यानी मौसम अब कैलेंडर से नहीं, अपने मिजाज से चल रहा है — और आने वाले दिनों में इसका असर जनजीवन, खेती, पानी और ऊर्जा खपत पर भी पड़ सकता है।
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