उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सोमवार रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। घनी आबादी वाले लिसाड़ीगेट क्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद में कपड़ा कारोबारी के मकान में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में एक परिवार की छह जिंदगियां छीन लीं। हादसे में मां और उसके पांच बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

🔥 रात की नमाज़, घर में मातम
सोमवार रात लगभग साढ़े नौ बजे घर के पुरुष सदस्य तरावीह की नमाज के लिए मस्जिद गए हुए थे। घर के भीतर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। तभी अचानक घर में आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
कुछ ही मिनटों में तीन मंजिला मकान धुएं और आग के गोले में बदल गया। आसपास के लोगों ने जब चीख-पुकार सुनी तो वे घरों से बाहर निकल आए।
🚒 संकरी गलियां बनीं मौत की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके की गलियां इतनी संकरी हैं कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं। आग बुझाने में हर मिनट की देरी जानलेवा साबित हुई।
ऐसे में मोहल्ले के युवकों ने खुद जिम्मेदारी संभाली। कुछ लोग छतों के रास्ते अंदर पहुंचे, कुछ ने पाइप और बाल्टियों से पानी डालना शुरू किया। धुएं से घिरे कमरों से झुलसे बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
🏥 अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बुझ गई उम्मीद
घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने पांच मासूम बच्चों और उनकी मां को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि अधिकतर की मौत जलने से ज्यादा दम घुटने से हुई।
अस्पताल परिसर में जैसे ही मौत की खबर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते रिश्तेदारों की आवाजें सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
👨👩👧👦 एक ही परिवार खत्म
मृतकों में 30 वर्षीय रुखसार और उसके तीन छोटे बच्चे शामिल हैं। साथ ही परिवार के अन्य दो बच्चे भी इस हादसे का शिकार बने। इनमें छह माह की जुड़वां बेटियां भी थीं, जिनकी जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई।
यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार उजड़ने की कहानी बन गया।
⚡ शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मकान के प्रथम तल पर पावरलूम और एम्ब्रॉयडरी का काम होता था, जहां बिजली के भारी उपकरण लगे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग या वायरिंग की खराबी से आग भड़क सकती है।
हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
👮 मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किल आई।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी।
💔 मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
जहां सोमवार तक बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। लोग एक-दूसरे से बस यही पूछ रहे हैं—अगर आग थोड़ी देर बाद लगती, अगर फायर ब्रिगेड जल्दी पहुंचती, अगर घर में अलार्म होता… तो क्या ये जिंदगियां बच सकती थीं?
यह हादसा कई सवाल छोड़ गया है।
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