मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के पठानपुरा गांव में एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते गंभीर विवाद का रूप ले लिया। रास्ते से ऑटो निकालने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि मारपीट, जानलेवा हमले और अंततः एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत तक बात पहुंच गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे की बताई जा रही है। गांव निवासी बिल्लू अपने घर के बाहर खड़ा था और रास्ते से गुजर रहे एक परिचित वाहन चालक से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला आकाश ऑटो लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि आकाश ने बिल्लू पर रास्ता घेरने और वाहन निकालने में बाधा डालने का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
शुरुआती बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाला सतीश बीच-बचाव करने पहुंचा। परिजनों के मुताबिक, सतीश ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उसका भी आकाश से विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि माहौल कुछ देर बाद शांत हो गया था, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।
बिल्लू का आरोप है कि कुछ समय बाद आकाश अपने साथ छह अन्य लोगों को लेकर वापस लौटा। उन्होंने सतीश को निशाना बनाते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से सतीश गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। हमलावरों के जाने के बाद परिजन सतीश को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।
इसी बीच घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। सतीश के परिवार का आरोप है कि जब सतीश पर हमला हो रहा था, तब उसके बुजुर्ग पिता ईश्वर दयाल उसे बचाने के लिए आगे आए। आरोप है कि धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान उन्हें भी चोट लगी, जिससे बाद में उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें पहले इस बात का अंदाजा नहीं था कि ईश्वर दयाल को गंभीर चोट लगी है।
परिजनों ने आकाश और उसके साथियों पर न केवल सतीश पर जानलेवा हमला करने, बल्कि ईश्वर दयाल की हत्या का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हमले के दौरान जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। परिवार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि दर्ज कराई गई प्रारंभिक प्राथमिकी में ईश्वर दयाल पर सीधे हमले या हत्या का उल्लेख नहीं है। थाना प्रभारी विनय कुमार के अनुसार, जब मामले की जानकारी मिली तो पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। हालांकि ईश्वर दयाल का तत्काल मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया था। बाद में जब उनकी मौत की सूचना मिली, तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग के शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं। ऐसे में उनकी मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा। थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल आकाश और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
घटना के बाद पठानपुरा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि एक साधारण रास्ते के विवाद ने इतना गंभीर रूप कैसे ले लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समझदारी दिखाई जाती, तो शायद यह स्थिति नहीं बनती। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि गांव में पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला हिंसा तक पहुंच गया।
सतीश का परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। एक ओर बेटा अस्पताल में घायल अवस्था में है, तो दूसरी ओर परिवार के बुजुर्ग सदस्य की मौत ने सभी को तोड़ कर रख दिया है। परिजन इसे सुनियोजित हमला बता रहे हैं और हत्या की धाराएं जोड़ने की मांग कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सिद्ध होता है कि ईश्वर दयाल की मौत किसी आंतरिक चोट, सदमे या मारपीट के कारण हुई है, तो मामला हत्या या गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में परिवर्तित हो सकता है। वहीं यदि मृत्यु का कारण प्राकृतिक या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण से जुड़ा पाया जाता है, तो जांच की दिशा अलग हो सकती है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। यदि क्षेत्र में कोई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता आक्रोश किस तरह बड़े हादसों में बदल सकता है। सड़क या रास्ते जैसे सामान्य मुद्दों पर संयम और संवाद की कमी कई बार अप्रत्याशित परिणाम लेकर आती है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि बुजुर्ग की मौत हादसा थी या हिंसा का नतीजा।
गांव में फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चि
त की जाएगी।
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