उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद दुखद और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 14 वर्षीय छात्रा की मौत उस समय हो गई, जब वह एक सांड से बचने के लिए भाग रही थी। जान बचाने की कोशिश में वह दौड़ते हुए सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। दुर्भाग्य से उस खंभे में करंट उतर रहा था, जिसकी चपेट में आने से छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया है और परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं।

यह घटना गोंडा जिले के करनैलगंज थाना क्षेत्र के नकहरा गांव की बताई जा रही है। मृतक छात्रा का नाम कामिनी था और उसकी उम्र करीब 14 वर्ष थी। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ती थी। परिवार के लोगों के अनुसार कामिनी एक शांत स्वभाव की और पढ़ाई में रुचि रखने वाली बच्ची थी।
परिजनों ने बताया कि बुधवार दोपहर कामिनी घर से पास की दुकान पर शैंपू खरीदने के लिए निकली थी। गांव में रहने वाले लाखन की दुकान से उसे सामान लेना था। वह सामान्य तरीके से दुकान तक गई और सामान लेकर वापस घर की ओर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में अचानक एक सांड आ गया।
बताया जा रहा है कि सांड अचानक कामिनी की ओर दौड़ पड़ा। यह देखकर वह घबरा गई और अपनी जान बचाने के लिए तेजी से भागने लगी। वह लगातार सांड से बचने की कोशिश करती रही, लेकिन भागते-भागते वह सड़क किनारे लगे एक बिजली के खंभे के पास पहुंच गई।
दुर्भाग्यवश वह बिजली के उसी खंभे से टकरा गई, जिसमें करंट उतर रहा था। जैसे ही उसका शरीर खंभे के संपर्क में आया, उसे तेज बिजली का झटका लगा। करंट इतना तेज था कि कामिनी वहीं जमीन पर गिर पड़ी और कुछ ही क्षणों में उसकी मौत हो गई।
घटना के समय आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जब यह देखा तो तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। किसी ने तुरंत उसके परिवार को इस घटना की सूचना दी।
बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। वहां का दृश्य बेहद मार्मिक था। कामिनी की मां गुड़िया अपनी बेटी को देखकर बेसुध हो गईं और जोर-जोर से रोने लगीं। गांव के लोग भी इस दुखद घटना को देखकर भावुक हो गए।
मृतका के बड़े भाई राहुल निषाद ने बताया कि कामिनी उनके परिवार की सबसे छोटी सदस्य थी। परिवार में दो भाई राहुल और मोहित हैं, जबकि कामिनी दोनों से छोटी थी। राहुल ने बताया कि उनके पिता पंचम की करीब दस साल पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के निधन के बाद से ही मां ने बड़ी मुश्किलों के साथ बच्चों की परवरिश की।
राहुल ने बताया कि उनकी बहन पढ़ाई में अच्छी थी और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है। अब घर में सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
करनैलगंज थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा की मौत बिजली के करंट की चपेट में आने से हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक सांड से बचने के लिए भाग रही थी और उसी दौरान बिजली के खंभे से टकरा गई।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बिजली के खंभे में करंट किस वजह से उतर रहा था। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने गांव के लोगों को गहरे दुख में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा पशुओं की समस्या काफी समय से बनी हुई है। कई बार ये पशु लोगों पर हमला कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा लोगों ने यह भी बताया कि कई जगहों पर बिजली के खंभों में करंट उतरने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
कामिनी की अचानक हुई मौत से गांव के लोग बेहद दुखी हैं। स्कूल में पढ़ने वाले उसके साथी और शिक्षक भी इस खबर से स्तब्ध हैं। इतनी कम उम्र में इस तरह की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कामिनी के परिवार के लोग इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह दर्द भुला पाना आसान नहीं होगा।
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