सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा। दरभंगा पुलिस महकमे में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी के द्वारा जारी आदेश के अनुसार एससी-एसटी थाना और महिला थाना के थानाध्यक्षों को उनके पद से हटाते हुए कुल 8 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। यह सभी पदस्थापन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

दरभंगा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकता, कार्यों की बेहतर निगरानी तथा पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर विभिन्न इकाइयों में पदस्थापित अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाता है, ताकि कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आए और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा सके। इसी क्रम में इस बार निरीक्षक और अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग थानों तथा अनुसंधान इकाइयों में नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
दरभंगा पुलिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई महत्वपूर्ण इकाइयों में बदलाव किया गया है। विशेष रूप से साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साइबर थाना की अनुसंधान इकाई को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इस कारण से कुछ अधिकारियों को साइबर थाना में पदस्थापित किया गया है, ताकि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

आदेश के अनुसार पु.नि. श्वेता पोद्दार को अंचल पुलिस निरीक्षक, सदर के पद से स्थानांतरित करते हुए अनुसंधान इकाई साइबर थाना में पदस्थापित किया गया है। श्वेता पोद्दार को साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती इस इकाई में आवश्यक है।
इसी प्रकार पु.नि. कुमार गौरव को सदर थाना में पर्यवेक्षी पदाधिकारी के पद से स्थानांतरित कर अनुसंधान इकाई साइबर थाना भेजा गया है। वे भी अब साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच में अपनी भूमिका निभाएंगे। पुलिस विभाग का मानना है कि साइबर अपराधों के मामलों में विशेषज्ञता और त्वरित कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों की तैनाती आवश्यक है।
इसके अलावा पु.नि. ज्वाला प्रसाद चौपाल, जो अब तक एससी-एसटी थाना के थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, उन्हें भी स्थानांतरित कर अनुसंधान इकाई साइबर थाना में पदस्थापित किया गया है। इस तरह साइबर थाना में तीन अधिकारियों की नई तैनाती की गई है, जिससे इस इकाई की कार्यक्षमता को और मजबूत किया जा सके।
वहीं महिला थाना में भी बदलाव किया गया है। महिला थाना की थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत पु.अ.नि. मनीषा कुमारी को उनके पद से स्थानांतरित करते हुए पुलिस केंद्र, दरभंगा भेजा गया है। पुलिस केंद्र में उन्हें नई जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएंगी। पुलिस विभाग के अनुसार यह स्थानांतरण भी प्रशासनिक आवश्यकता के तहत किया गया है।
इसी क्रम में पु.नि. सत्येंद्र कुमार को वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रभारी विधि-व्यवस्था शाखा के पद से स्थानांतरित करते हुए अंचल पुलिस निरीक्षक, सदर के पद पर पदस्थापित किया गया है। सदर अंचल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
इसके अतिरिक्त पु.नि. नवीन कुमार को अनुसंधान इकाई साइबर थाना से स्थानांतरित कर सदर थाना में पर्यवेक्षी पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। सदर थाना जिले का एक महत्वपूर्ण थाना माना जाता है, इसलिए यहां अनुभवी अधिकारी की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आदेश के अनुसार पु.अ.नि. अनिल कुमार रजक को अनुसंधान इकाई बहेड़ी थाना से स्थानांतरित करते हुए एससी-एसटी थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
वहीं पु.अ.नि. पुष्पलता कुमारी को अनुसंधान इकाई बहादुरपुर थाना से स्थानांतरित कर महिला थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। महिला थाना में महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और कार्रवाई की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि महिला थाना में महिला अधिकारियों की तैनाती से पीड़ित महिलाओं को अपनी बात रखने में सुविधा मिलती है।
दरभंगा पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें और अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन शुरू करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाना होता है। समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। इसके अलावा नई जिम्मेदारियाँ मिलने से अधिकारियों को अपने अनुभव और क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर भी मिलता है।
दरभंगा जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हाल के दिनों में साइबर अपराध, महिलाओं से जुड़े अपराध और सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को देखते हुए पुलिस विभाग ने अपनी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसी क्रम में इस प्रशासनिक फेरबदल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों के स्थानांतरण और नई तैनाती से पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए पदों पर पदस्थापित अधिकारी किस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और जिले में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में किस तरह योगदान देते हैं।

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