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अप्रैल में ही जून जैसी झुलसा देने वाली गर्मी, यूपी में लू का कहर; मौसम विभाग ने दी गंभीर चेतावनी

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, और हालात ऐसे बन गए हैं कि अप्रैल का महीना जून जैसी तपिश का एहसास करा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और रात में भी बनी रहने वाली उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।

राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। प्रयागराज में रविवार को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके बाद वाराणसी में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सुल्तानपुर में 43.8 डिग्री और बांदा, झांसी तथा आगरा में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश का बड़ा हिस्सा इस समय हीटवेव की स्थिति में है।

गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। हमीरपुर में न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बेहद गर्म रात का संकेत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में “उष्ण रात्रि” की स्थिति बनी हुई है, जहां रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं।

मौसम विभाग ने बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और भदोही जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों में दिन के समय तेज लू चलने और तापमान के और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

वहीं पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में बेहद गर्म रातों की चेतावनी दी गई है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में लोगों को 24 घंटे गर्मी से जूझना पड़ सकता है।

राजधानी लखनऊ की स्थिति भी अलग नहीं है। यहां अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान भी 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात के समय भी गर्मी का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और राहत के आसार बेहद कम हैं।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य कारण शुष्क पछुआ हवाएं हैं, जो पश्चिमी दिशा से चलकर प्रदेश में गर्मी को और बढ़ा रही हैं। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी की कमी हो गई है, जिससे लू जैसी स्थिति बन गई है। अगले चार से पांच दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ सकती है।

इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर किसानों, मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है और कई जगहों पर फसलों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। मजदूर वर्ग के लिए दोपहर के समय काम करना बेहद कठिन हो गया है, जिससे उनकी आय पर भी असर पड़ रहा है।

शहरों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, क्योंकि लोग अनावश्यक बाहर निकलने से बच रहे हैं। बाजारों में भीड़ कम हो गई है और कई दुकानदारों ने अपने काम के घंटे कम कर दिए हैं।

गर्मी का असर अब रेलवे सेवाओं पर भी दिखने लगा है। हाल के दिनों में वंदे भारत और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में एसी कूलिंग फेल होने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। पिछले एक महीने में करीब 240 शिकायतें दर्ज की गई हैं। हालांकि रेलवे विभाग ने इनमें से अधिकांश शिकायतों का निस्तारण करने का दावा किया है, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे के अनुसार, एसी बोगियों में भारी क्षमता वाले कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं, लेकिन अत्यधिक तापमान के कारण इन पर दबाव बढ़ जाता है। यदि समय पर मेंटेनेंस न किया जाए, तो ये सिस्टम फेल हो सकते हैं। इसके अलावा यात्रियों ने गंदगी, खराब खानपान और बिना टिकट यात्रियों की समस्या भी उठाई है, जिससे सफर और भी मुश्किल हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गर्मी अब एक नई सामान्य स्थिति बनती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव हो रहा है, जिससे गर्मी जल्दी शुरू हो रही है और अधिक तीव्र होती जा रही है। अप्रैल में जून जैसी गर्मी इसका स्पष्ट संकेत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि वे इस तरह की गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और निकट भविष्य में इससे राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोग इससे बचने के उपाय तलाश रहे हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में मौसम किस दिशा में जाता है और क्या कोई राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल, लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है, ताकि इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।

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