Breaking News

बायोमेट्रिक ने खोली पोल: सीटीईटी में सहेली की जगह परीक्षा देने पहुंची युवती गिरफ्तार

सीटीईटी परीक्षा के दौरान एक बार फिर सॉल्वर गिरोह की सक्रियता सामने आई है। रविवार को पहली पाली की परीक्षा में एक युवती अपनी सहेली की जगह पेपर देने पहुंची, लेकिन बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद उसका भेद खुल गया। पकड़े जाने पर वह रोने लगी और बार-बार एक ही बात दोहराती रही—“भइया को बुला दीजिए।” पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

घटना प्रकाश ग्लोबल स्कूल, जगदीशपुर स्थित परीक्षा केंद्र की है, जहां सीटीईटी की पहली पाली की परीक्षा चल रही थी। प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की कड़ी जांच की जा रही थी। पहचान पत्र और प्रवेश पत्र के मिलान के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जा रहा था। इसी दौरान एक युवती ने खुद को नीलम यादव, निवासी घनश्यामपुर, जौनपुर बताया और जांच प्रक्रिया से गुजरने लगी। शुरुआती दस्तावेज़ी जांच में सब कुछ सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन जब बायोमेट्रिक मिलान किया गया तो मशीन ने पहचान को अस्वीकार कर दिया।

बायोमेट्रिक मिसमैच होते ही केंद्र व्यवस्थापकों को संदेह हुआ। उन्होंने युवती से दोबारा अंगुलियों के निशान और फोटो सत्यापन करवाया, लेकिन परिणाम वही रहा। कड़ाई से पूछताछ करने पर युवती घबरा गई और रोने लगी। कुछ देर बाद उसने स्वीकार किया कि उसका असली नाम वंदना यादव है और वह प्रतापगढ़ जिले के काशीपुर की रहने वाली है। उसने यह भी माना कि वह अपनी सहेली नीलम यादव की जगह परीक्षा देने आई थी।

पूछताछ में सामने आया कि इस काम के लिए फर्जी तरीके से आधार कार्ड और प्रवेश पत्र तैयार करवाए गए थे। दस्तावेज़ इतने सावधानी से बनाए गए थे कि सामान्य जांच में कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई। लेकिन बायोमेट्रिक तकनीक के कारण पूरी साजिश उजागर हो गई। युवती लगातार यही आग्रह करती रही कि उसके भाई को बुला लिया जाए, जिससे यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि इस मामले में परिवार या अन्य लोगों की भूमिका हो सकती है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। महिला पुलिसकर्मियों ने वंदना को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां उससे विस्तार से पूछताछ की गई। सीओ सदर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि युवती जानबूझकर दूसरे की जगह परीक्षा देने आई थी। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक दिन पहले भी सीटीईटी की द्वितीय पाली में दो सॉल्वर पकड़े गए थे। टीडी पीजी कॉलेज केंद्र से अनुराग चौबे और विपिन सिंह को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार अनुराग, हिमांशु रंजन यादव की जगह और विपिन, यतेंद्र कुमार यादव की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और कथित तौर पर पैसे लेकर दूसरों की जगह पेपर देने का काम कर रहे थे। बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी के चलते उनकी भी पहचान उजागर हो गई।

लगातार दूसरे दिन सॉल्वर पकड़े जाने से जिले में नकल माफिया की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या परीक्षा पास कराने के नाम पर संगठित गिरोह काम कर रहा है? पुलिस भी इसी दिशा में जांच कर रही है। सॉल्वरों और असली परीक्षार्थियों के बीच संभावित लेन-देन, संपर्क सूत्र और दलालों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ केंद्रीय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कानून के अंतर्गत दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराने में किन लोगों की संलिप्तता रही। यदि किसी संगठित गिरोह की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल निगरानी ने सॉल्वर गिरोहों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले जहां केवल फोटो मिलान के आधार पर पहचान की जाती थी, वहीं अब अंगुलियों के निशान और लाइव फोटो कैप्चर जैसी तकनीकों से फर्जीवाड़ा लगभग असंभव होता जा रहा है। इस मामले में भी यदि बायोमेट्रिक जांच न होती तो संभव है कि युवती परीक्षा देने में सफल हो जाती।

फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या परीक्षा केंद्रों की जानकारी पहले से जुटाई गई थी या किसी अंदरूनी व्यक्ति की मदद ली गई थी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होने का दबाव कुछ अभ्यर्थियों को गलत रास्ता अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। हालांकि तकनीकी सतर्कता और प्रशासनिक सख्ती के कारण ऐसे प्रयास नाकाम हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और संबंधित सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Check Also

एक पेड़ गुरु के नाम, एक संकल्प हरित गाँव के नाम: गुरु पूर्णिमा पर बच्चों ने दिया प्रकृति संरक्षण का प्रेरक संदेश

रामपुर गढ़ौवा के विद्यालय में गुरु वंदन और प्रकृति वंदन का अनूठा संगम, बच्चों ने …

कंधे पर पीपल – बरगद, मन में हरियाली का संकल्प :: वर्दीधारी अनूप मिश्रा बाँट रहे ‘प्राकृतिक AC’

उन्नाव। जहाँ एक ओर भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने लोगों का जीना मुश्किल कर …

चालक को आई झपकी, गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी डबल डेकर बस; 20 यात्री घायल

गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: डबल डेकर बस पलटी, 20 यात्री घायल, 5 की हालत …