ईद के मौके पर जहां पूरे देश में खुशियों और भाईचारे का माहौल था, वहीं उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के एक गांव में हिंसा की ऐसी घटना हुई जिसने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। एक छोटे से विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि दो सगे भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना सरधना थाना क्षेत्र के मेहरमती गणेशपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार, ईद की शाम करीब 6:30 बजे पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच बहस शुरू हुई थी। पहले यह कहासुनी तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ता गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पहुंच गए। विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसा शुरू हो गई और एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया।
इस दौरान ग्राम प्रधान सईदु के परिवार को निशाना बनाया गया। उनके भाइयों—भूरा (38) और सईमुद्दीन (48)—पर चाकुओं से कई वार किए गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हमले में केवल दो लोगों की जान ही नहीं गई, बल्कि करीब 8 से 10 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में दोनों पक्षों के लोग शामिल हैं। प्रधान पक्ष से तोहिद और अजहरुद्दीन का इलाज चल रहा है, जबकि दूसरे पक्ष से साजिद और उसका बेटा साकिब भी घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव में लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
अब तक तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि गांव में शांति बनी रहे और हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहें।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि कैसे एक छोटा सा विवाद भी अगर समय रहते नहीं सुलझाया जाए, तो वह भयानक रूप ले सकता है। ईद जैसे पवित्र त्योहार पर हुई यह हिंसा न केवल दुखद है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़कर कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।
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