उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से सामने आई यह वारदात न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। एक छात्र की एकतरफा मोहब्बत इस कदर खतरनाक रूप ले लेगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। कक्षा 12 में पढ़ने वाले एक सनकी छात्र ने अपनी ही शिक्षिका पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में शिक्षिका के दोनों होंठ बुरी तरह कट गए। गंभीर हालत में उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर आगरा रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

यह पूरा मामला मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र का है। आरोपी छात्र अखंड प्रताप सिंह उसी स्कूल में पढ़ता था, जहां पीड़ित शिक्षिका पढ़ाती थीं। बताया जा रहा है कि छात्र काफी समय से शिक्षिका के प्रति एकतरफा प्रेम में था। शुरुआत में उसने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के जरिए अपनी हरकतें दिखानी शुरू कीं। वह स्कूल परिसर में शिक्षिका को घूरता, रास्ता रोकता और कई बार आपत्तिजनक इशारे भी करता था।
शिक्षिका ने जब इस बात का विरोध किया और उसे समझाने की कोशिश की, तो छात्र पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। हालात तब और बिगड़ गए जब छात्र की हरकतें लगातार बढ़ने लगीं। मजबूर होकर शिक्षिका ने स्कूल प्रबंधन और ‘पेरेंट्स-टीचर मीटिंग’ (PTM) के दौरान छात्र की मां को इस बारे में जानकारी दी। उस वक्त छात्र की मां ने भरोसा दिलाया कि वह अपने बेटे को समझाएंगी और भविष्य में ऐसी कोई शिकायत नहीं आएगी।
कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन यह शांति ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। छात्र की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया। वह फिर से शिक्षिका को परेशान करने लगा। लगातार मानसिक प्रताड़ना और असुरक्षा की भावना से परेशान होकर शिक्षिका ने वह स्कूल छोड़ने का फैसला कर लिया। उन्होंने सोचा कि स्कूल बदलने से शायद इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
इसके बाद शिक्षिका ने मैनपुरी के ही ज्योति रोड स्थित एक दूसरे निजी स्कूल में नौकरी शुरू कर दी। लेकिन आरोपी छात्र की सनक यहीं खत्म नहीं हुई। उसने नए स्कूल का पता लगा लिया और वहां भी शिक्षिका का पीछा करने लगा। आए दिन वह रास्ते में उन्हें रोकता, धमकाता और अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। शिक्षिका ने कई बार उसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन छात्र का व्यवहार दिन-ब-दिन और उग्र होता चला गया।
घटना वाले दिन आरोपी ने हैवानियत की सारी सीमाएं तोड़ दीं। जब शिक्षिका स्कूल जा रही थीं, तभी रास्ते में आरोपी छात्र ने उन्हें रोक लिया। पहले दोनों के बीच बहस हुई, फिर अचानक छात्र ने धारदार हथियार निकाल लिया और शिक्षिका पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसने शिक्षिका के दोनों होंठ काट दिए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गईं। खून से लथपथ हालत में शिक्षिका सड़क पर गिर पड़ीं।
आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आगरा रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, शिक्षिका को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें गहन चिकित्सा की जरूरत है।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते छात्र की हरकतों पर सख्त कार्रवाई होती, तो शायद यह खौफनाक घटना रोकी जा सकती थी। शिक्षिका के परिवार पर इस घटना का गहरा सदमा लगा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिक्षिका के भाई ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन आगरा रोड स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ाती थीं, जहां आरोपी छात्र उन्हें लगातार परेशान करता था। शिकायत के बावजूद छात्र की हरकतें नहीं रुकीं। स्कूल बदलने के बाद भी आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी छात्र के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी फतह बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं, खासकर शिक्षिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। स्कूल और कॉलेज जैसे पवित्र माने जाने वाले स्थानों में भी अगर शिक्षक सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। साथ ही यह भी साफ करता है कि एकतरफा प्यार और मानसिक विकृति को हल्के में लेना कितना घातक साबित हो सकता है।
समाज, परिवार और शिक्षण संस्थानों को मिलकर ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है, ताकि समय रहते ऐसे सनकी व्यवहार पर रोक लगाई जा सके और किसी और की जिंदगी इस तरह तबाह न हो।
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