उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और कानून—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज दो महीने पहले शादी के बंधन में बंधे एक युवक की मौत को पहले आत्महत्या बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने इस कहानी की परतें खोल दीं। अब यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि साजिशन हत्या का माना जा रहा है, जिसमें मृतक की पत्नी और उसके मायके पक्ष की भूमिका सामने आई है।

यह घटना थाना इज्जतनगर क्षेत्र के कैलाशपुरम मोहल्ले की है। यहां इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) में संविदा पर कार्यरत जितेंद्र नामक युवक की मौत हो गई थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो जितेंद्र का शव कमरे के अंदर रोशनदान से मफलर के सहारे लटका हुआ मिला। पैरों के नीचे स्टूल रखा था और प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू की।
हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कहानी ने नया मोड़ ले लिया। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों ने साफ कर दिया कि जितेंद्र ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया गया था।
आठ साल की मोहब्बत, दो महीने की शादी
जितेंद्र और उसकी पत्नी ज्योति की कहानी भी कम हैरान करने वाली नहीं है। बताया गया कि दोनों के बीच करीब आठ साल से प्रेम संबंध था। लंबे इंतजार और पारिवारिक सहमति के बाद आखिरकार दोनों की शादी हुई। लेकिन यह रिश्ता शादी के महज दो महीने बाद ही खूनी मोड़ ले लेगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।
जितेंद्र के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ज्योति का व्यवहार बदल गया था। वह लगातार जितेंद्र पर दबाव बना रही थी कि वह अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दे और शहर में उसके नाम पर मकान तथा एक फोर व्हीलर गाड़ी खरीदे। जब जितेंद्र ने ऐसा करने से इनकार किया, तो कथित तौर पर ज्योति और उसके मायके पक्ष ने उस पर दहेज उत्पीड़न के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पोस्टमार्टम ने खोली सच्चाई
जितेंद्र की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो पुलिस भी चौंक गई। रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा था कि मौत गला दबाने से हुई है। गले पर दबाव के निशान मिले और यह साफ था कि फांसी मौत का कारण नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को नए सिरे से जांचना शुरू किया।
पुलिस ने कमरे की स्थिति, शव की हालत और आसपास के साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया। स्टूल की स्थिति, फंदे की ऊंचाई और शरीर पर मिले अन्य निशान आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खा रहे थे। यहीं से यह साफ हो गया कि यह एक सोची-समझी हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
ऑनलाइन जुए से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में एक और पहलू सामने आया। पूछताछ और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में पता चला कि जितेंद्र ऑनलाइन जुआ खेलने का आदी था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय ज्योति ने अपने मायके पक्ष के लोगों से फोन पर बात की थी। आखिरी कॉल भी उसी ने अपने परिवार को की थी। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा हो गया।
आत्महत्या से हत्या में बदला केस
शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ की धाराओं में केस दर्ज किया था। लेकिन जैसे ही हत्या के पुख्ता सबूत सामने आए, केस की धाराएं बदल दी गईं। अब यह मामला सीधे हत्या के तहत दर्ज किया गया है।
सीओ स्तर के अधिकारी ने बताया कि थाना इज्जतनगर में क्राइम नंबर 66/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 351 और 3(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरण और मां चमेली की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
गिरफ्तारी और जेल
सबूतों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र की पत्नी ज्योति, उसके पिता और मां को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
परिवार में मातम, इलाके में सनसनी
जितेंद्र की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र ने प्रेम विवाह किया था और वह अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता था, लेकिन उसी ने उसकी जान ले ली।
वहीं, इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आठ साल के प्रेम संबंध और नई-नई शादी का अंत इतनी बेरहमी से कैसे हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत दोषियों को सख्त सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि रिश्तों के पीछे छिपे तनाव, लालच और गलत आदतें किस तरह एक हंसते-खेलते जीवन को खत्म कर सकती हैं। बरेली का यह केस अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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