देश में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से हालात बिगड़ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी मौसम का यही अस्थिर रुख जारी रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय जेट स्ट्रीम के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बना रहेगा।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत इस समय मौसम की सबसे ज्यादा मार झेल रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 64.5 से 115.5 मिमी तक वर्षा होने की संभावना है।
लगातार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अलावा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी तेज बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर और पूर्वी भारत में भी असर
पूर्वोत्तर के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
पिछले 24 घंटों में भी इन राज्यों के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में भी वर्षा और तेज हवाओं का असर देखा गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हिमालयी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक तेज हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से लेकर ओडिशा तक कई राज्यों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों के लिए खतरा बन सकती है।
इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना और असम के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में राहत भरा बदलाव
दिल्ली NCR में मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां आसमान में बादल छाए रहने, हल्की बारिश या बूंदाबांदी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और दिन-प्रतिदिन बदलाव देखने को मिलेगा। कभी धूप तो कभी बादल और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
तापमान में दिख रहा विरोधाभास
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का अंतर भी चौंकाने वाला है। एक ओर कुरनूल में पारा 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो भीषण गर्मी का संकेत देता है।
वहीं दूसरी ओर मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो अपेक्षाकृत ठंडे मौसम को दर्शाता है। यह अंतर बताता है कि देश में मौसम का पैटर्न कितना अस्थिर हो चुका है।
मौसम के पीछे की वैज्ञानिक वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अस्थिर मौसम के पीछे कई मौसमीय कारक एक साथ सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में नमी ला रहा है, जबकि ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बादलों के निर्माण को बढ़ावा दे रहा है।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय जेट स्ट्रीम बारिश की तीव्रता को बढ़ा रही है। इन सभी कारणों के संयुक्त प्रभाव से देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है।
किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
मौसम का यह बदला हुआ रूप किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि पानी जमा न हो। तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और ओलावृष्टि से बचाने के लिए जाल या कवर का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।
नर्सरी और छोटे पौधों को ढककर रखना भी इस समय जरूरी है, ताकि वे तेज हवाओं और बारिश से सुरक्षित रह सकें।
आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम के इस अस्थिर दौर में आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और आंधी के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित जगह पर रहना जरूरी है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा अधिक रहता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश में यही स्थिति बनी रह सकती है। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी, और कहीं तेज हवाएं लोगों को प्रभावित करती रहेंगी।
तापमान में उतार-चढ़ाव भी जारी रहेगा, जिससे मौसम पूरी तरह स्थिर होने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
देश में इस समय मौसम का मिला-जुला और अनिश्चित रूप देखने को मिल रहा है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश, कई राज्यों में तेज हवाएं और अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान का बड़ा अंतर यह दिखाता है कि मौसम तेजी से बदल रहा है।
ऐसे में सतर्कता और तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव है। चाहे किसान हों या आम नागरिक, सभी को मौसम के बदलते मिजाज को समझते हुए अपने कदम उठाने होंगे, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !