हरियाणा के करनाल जिले के एक गांव में गली में लगे गेट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक ईंट-पत्थर चले और लाठियां भी चलीं। इस घटना में महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका, हालांकि गांव में देर शाम तक तनाव का माहौल बना रहा।

इमामबाड़े के पीछे की गली बना विवाद का केंद्र
घटना सैयद छपरा गांव की है। बताया गया कि इमामबाड़े के पीछे स्थित एक गली में लगे लोहे के गेट को लेकर गुरुवार दोपहर विवाद शुरू हुआ। एक पक्ष ने कथित तौर पर गेट को स्थायी रूप से बंद करने के लिए वेल्डिंग का काम शुरू कराया। जैसे ही दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध करने लगे।
दूसरे पक्ष का कहना था कि उक्त गली से उनका नियमित आना-जाना है, इसलिए गेट को बंद करना उचित नहीं है। गेट खोलने और बंद करने को लेकर कहासुनी बढ़ती गई और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।
28 मिनट तक चला पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे विवाद शुरू हुआ और लगभग 3:27 बजे जाकर थमा। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर फेंके गए। कुछ लोग छतों और ऊंचे स्थानों से नीचे खड़े लोगों पर पत्थर बरसा रहे थे, जबकि नीचे गलियों में लाठियों का भी इस्तेमाल हुआ।
अचानक शुरू हुई इस हिंसा से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गलियों में मौजूद महिलाएं और बच्चे इधर-उधर भागने लगे। कई परिवारों ने खुद को घरों में बंद कर लिया, ताकि वे झड़प की चपेट में न आ जाएं।
सात लोग घायल, अस्पताल में उपचार
इस झड़प में कुल सात लोग घायल हुए हैं। एक पक्ष की दो महिलाओं समेत पांच लोगों को चोटें आई हैं, जबकि दूसरे पक्ष के दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। दो घायलों का इलाज इंद्री के अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल रहा। कई घरों के बाहर ईंट-पत्थर बिखरे दिखाई दिए, जो झड़प की तीव्रता को दर्शा रहे थे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे के दौरान किसी ने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम और ब्याना चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर पथराव रुकवाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस की मौजूदगी के बाद ही झड़प थमी। अधिकारियों ने मौके पर लोगों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई, ताकि दोबारा कोई तनावपूर्ण स्थिति न बने।
विवाद की जड़
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद की जड़ गली में लगे गेट को स्थायी रूप से बंद करने का प्रयास था। एक पक्ष का कहना था कि गेट सुरक्षा और निजी कारणों से लगाया गया है, जबकि दूसरे पक्ष का दावा था कि यह रास्ता सार्वजनिक आवागमन के लिए उपयोग में आता है और इसे बंद करना उचित नहीं है।
गेट को वेल्डिंग कर बंद किए जाने की कोशिश ने दूसरे पक्ष को नाराज कर दिया, जिसके बाद मामला हाथापाई और फिर पथराव तक पहुंच गया।
अभी तक नहीं दी गई शिकायत
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को औपचारिक शिकायत (तहरीर) नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत आती है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, प्रशासन की नजर
हालांकि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन गांव में शाम तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन की टीम हालात पर नजर रखे हुए है। स्थानीय लोगों से भी शांति और आपसी समझ बनाए रखने की अपील की गई है।
यह घटना दर्शाती है कि छोटे से मुद्दे पर भी यदि समय रहते संवाद न हो तो विवाद हिंसक रूप ले सकता है। प्रशासन अब कोशिश कर रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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