यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आया विवाद
कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों से कलावा और मंगलसूत्र उतरवाने की शिकायत
भर्ती बोर्ड ने कहा—ऐसे निर्देश नहीं दिए गए
दोषी कर्मियों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
परीक्षा में पूर्व सैनिक और वर्तमान कांस्टेबल भी शामिल हुए

उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (एसआई) और समकक्ष पदों की भर्ती के लिए शनिवार को आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों से विवाद की खबरें सामने आईं। आरोप है कि सुरक्षा जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों से धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक जैसे कलावा और महिलाओं से मंगलसूत्र उतरवा लिए गए। इस मामले की शिकायत सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है।
भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान चेकिंग या फ्रिस्किंग के समय अभ्यर्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। बोर्ड ने कहा कि यदि कहीं इस तरह की घटना हुई है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में यूपी एसआई भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से पहले कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ा।
सुरक्षा कारणों से परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, मोबाइल फोन, पानी की बोतल और अन्य कई वस्तुओं को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। इसी दौरान कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों से धार्मिक प्रतीक भी उतरवाने की शिकायतें सामने आईं।
कलावा उतरवाने की शिकायत
कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों ने उनके हाथों में बंधा कलावा उतरवाने के लिए कहा। कलावा हिंदू धर्म में एक धार्मिक प्रतीक माना जाता है और कई लोग इसे आस्था के रूप में पहनते हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सुरक्षा जांच के नाम पर उनसे इसे हटाने के लिए कहा गया, जिससे कई अभ्यर्थियों ने असहजता महसूस की। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद भर्ती बोर्ड ने तुरंत संज्ञान लिया।
महिलाओं से मंगलसूत्र भी उतरवाया गया
इसी तरह कुछ महिला अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि उनसे मंगलसूत्र और अन्य आभूषण उतरवाए गए। जौनपुर की रहने वाली पूनम कुमारी परीक्षा देने के लिए लखनऊ पहुंची थीं। उनकी परीक्षा पहली पाली में थी।
उन्होंने बताया कि वह सुबह करीब 8 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई थीं। सुरक्षा जांच के दौरान उनसे पैरों की पायल, गले का मंगलसूत्र और कानों की बालियां तक उतरवा ली गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि परीक्षा के नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार का आभूषण पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
पूनम कुमारी के मुताबिक उन्हें घड़ी पहनकर जाने की भी अनुमति नहीं दी गई और पानी की बोतल भी अंदर ले जाने से मना कर दिया गया।
भर्ती बोर्ड का स्पष्टीकरण
इन शिकायतों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी किया। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अभ्यर्थियों के धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को पहले से ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि चेकिंग के दौरान अभ्यर्थियों के धार्मिक प्रतीकों को हटाने के लिए न कहा जाए।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि हर ब्रीफिंग में यह बात दोहराई जाती है कि जांच प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए।
शिकायतों को बताया गंभीर
भर्ती बोर्ड ने कहा कि इसके बावजूद यदि कहीं इस तरह की घटनाएं हुई हैं तो यह बेहद आपत्तिजनक है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन परीक्षा केंद्रों पर निर्देशों का उल्लंघन हुआ है, वहां तैनात संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा में शामिल हुए पूर्व सैनिक और कांस्टेबल
यूपी एसआई भर्ती परीक्षा में इस बार कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हुए जो पहले से सुरक्षा बलों में सेवा दे चुके हैं या कर रहे हैं। इनमें पूर्व सैनिक और वर्तमान पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
सोनभद्र जिले के रहने वाले महेश कुमार वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। उन्होंने भी दरोगा भर्ती की परीक्षा दी। महेश कुमार लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि वह पहले से पुलिस विभाग में सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब पदोन्नति और बेहतर जिम्मेदारी के लिए दरोगा बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा अच्छी गई है और उन्हें उम्मीद है कि वे इसमें सफल होंगे।
पूर्व सैनिक भी बने अभ्यर्थी
इसी तरह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त मोहम्मद हुसैन ने भी इस परीक्षा में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि सेना में सेवा देने के बाद भी उनके अंदर नेतृत्व करने का जज्बा है।
मोहम्मद हुसैन ने कहा कि अब वह उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा दी है और उन्हें उम्मीद है कि उनका अनुभव इस सेवा में काम आएगा।
परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह
यूपी एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों युवक और युवतियां परीक्षा देने के लिए पहुंचे।
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि पुलिस सेवा में काम करना उनका सपना है और इस परीक्षा के जरिए वे अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं।
हालांकि कुछ परीक्षा केंद्रों पर धार्मिक प्रतीकों को लेकर सामने आए विवाद ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। भर्ती बोर्ड ने साफ किया है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बोर्ड पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने न आएं।
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