उत्तर प्रदेश में इस बार मई की शुरुआत आम दिनों से अलग रही। जहां आमतौर पर इस महीने के पहले हफ्ते में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को राहत दी है। पिछले कुछ दिनों से हो रही हल्की बारिश, बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसका असर यह रहा कि मई का पहला सप्ताह अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना महसूस हो रहा है।

मौसम में आए इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। यह एक ऐसा मौसमी तंत्र है जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है और अक्सर बारिश, बादल और ठंडी हवाएं लेकर आता है। बीते तीन दिनों में इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में मौसम सामान्य से काफी ठंडा रहा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। इसी तरह बलिया में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ये आंकड़े इस समय के हिसाब से असामान्य हैं और कई वर्षों के रिकॉर्ड में बेहद कम तापमान के रूप में दर्ज किए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गोरखपुर का तापमान प्रेक्षण इतिहास में तीसरे सबसे कम स्तर पर रहा, जबकि बलिया में यह पांचवां सबसे कम दर्ज हुआ।
प्रदेश के करीब 15 जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो मई के महीने के लिहाज से काफी राहत भरा है। हालांकि, बुंदेलखंड क्षेत्र के उरई में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, हरदोई में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो रात के समय ठंडक का संकेत देता है।
बारिश के आंकड़े भी इस बदलाव को स्पष्ट करते हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान कन्नौज में 54 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बलरामपुर में 52.6 मिमी और लखीमपुर खीरी में 51.8 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा बरेली में 29 मिमी और गोरखपुर में 23.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन बारिशों ने जहां एक ओर तापमान को नीचे गिराया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए मिश्रित प्रभाव भी पैदा किया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी, जो ठंडक अभी महसूस हो रही है, वह ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि 4 मई से एक बार फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनेगी। इस बदलाव के कारण तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है और मौसम सुहावना बना रह सकता है।
राजधानी लखनऊ में भी मई की शुरुआत काफी सुखद रही। शुक्रवार को दिन के समय धूप तो निकली, लेकिन उसमें तीखापन नहीं था। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडी हवा चलती रही, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। दिन के समय अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, 4 मई के बाद फिर से मौसम बदलने के संकेत हैं, जिससे गर्मी की तीव्रता पर कुछ हद तक लगाम लग सकती है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि पर भी पड़ रहा है। जहां एक ओर बारिश और ठंडी हवाएं गर्मी से राहत दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना फसलों के लिए नुकसानदेह भी हो सकती है। खासकर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में रखी फसल पर इसका असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का मौसम परिवर्तन असामान्य तो है, लेकिन पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिससे कभी ज्यादा गर्मी तो कभी अचानक ठंडक देखने को मिल रही है।
अतुल कुमार सिंह ने यह भी संकेत दिया कि मई के महीने में तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है। यानी, आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप फिर बढ़ सकता है, खासकर जब पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मई की शुरुआत राहत भरी रही है, लेकिन यह राहत अस्थायी है। अगले कुछ दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए यह साफ है कि मई का पहला सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। कभी ठंडी हवाएं तो कभी तेज धूप—दोनों का अनुभव लोगों को एक ही हफ्ते में हो सकता है। यही वजह है कि इस समय सतर्क रहना और मौसम के अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
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