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पिता बना हैवान: कानपुर में जुड़वां बेटियों की निर्मम हत्या से दहला शहर

कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। जहां एक पिता, जो अपने बच्चों का रक्षक माना जाता है, वही अपनी ही 11 साल की जुड़वां बेटियों का कातिल बन बैठा। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

तड़के सुबह हुआ खौफनाक खुलासा

रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को एक कॉल प्राप्त हुई, जिसने सभी को चौंका दिया। कॉल करने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि खुद आरोपी पिता था, जिसने अपनी बेटियों की हत्या की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

घटना नौबस्ता के के-ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट फेज-2 की है। यहां रहने वाले शशि रंजन मिश्रा ने अपनी दो मासूम बेटियों—रिद्धि और सिद्धि—का गला काटकर उनकी हत्या कर दी। दोनों बच्चियां घर के एक कमरे में बेड पर मृत अवस्था में पाई गईं।

परिवार की पृष्ठभूमि

मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला शशि रंजन मिश्रा पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है। वह पिछले करीब आठ वर्षों से अपने परिवार के साथ इस अपार्टमेंट में किराए पर रह रहा था। उसकी पत्नी रेशमा और तीन बच्चे—जुड़वां बेटियां रिद्धि-सिद्धि (11 वर्ष) और बेटा रुद्रव (6 वर्ष)—भी उसके साथ रहते थे।

रिद्धि और सिद्धि पास के मदर टेरेसा मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्राएं थीं। दोनों ही पढ़ाई में अच्छी और स्वभाव से शांत बताई जाती थीं। उनके इस तरह से दुनिया छोड़ जाने से स्कूल और पड़ोस के लोग स्तब्ध हैं।

वारदात का तरीका और समय

पुलिस के अनुसार, यह घटना रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की है। उस समय घर के अलग-अलग कमरों में परिवार के सदस्य सो रहे थे। आरोपी पिता और दोनों बेटियां एक कमरे में थे, जबकि पत्नी रेशमा अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी।

बताया जा रहा है कि शशि रंजन ने सोते समय ही अपनी बेटियों पर हमला किया। मौके से एक स्टील का चापड़ बरामद किया गया है, जिससे हत्या की गई। यह हथियार खून से सना हुआ मिला।

सीसीटीवी कैमरे भी नहीं रोक सके वारदात

इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि फ्लैट के सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। इसके बावजूद आरोपी ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब इन कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

पत्नी को नहीं थी भनक

घटना के समय आरोपी की पत्नी रेशमा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जगाया गया, तब जाकर उसे इस भयानक घटना का पता चला। बताया जा रहा है कि यह खबर सुनते ही वह बेसुध हो गई।

बाद में रेशमा ने घर में काम करने वाली नौकरानी अमरावती को फोन कर बुलाया और पूरी घटना की जानकारी दी।

वैवाहिक तनाव बना वजह?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। रेशमा के अनुसार, वह अपने मायके जाना चाहती थी, लेकिन शशि रंजन को यह पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़े भी हुए थे।

कुछ समय पहले रेशमा करीब नौ महीने के लिए अपने मायके गई थी। उस दौरान दोनों बेटियां अपने पिता के साथ ही रहती थीं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पारिवारिक तनाव या मानसिक दबाव इस जघन्य अपराध की वजह बना।

पुलिस की कार्रवाई

मौके पर पहुंचे डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि इस हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

समाज में आक्रोश और सवाल

इस घटना ने न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। एक पिता द्वारा अपनी ही बेटियों की हत्या जैसी घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसी मानसिकता कैसे जन्म लेती है।

पड़ोसियों के अनुसार, शशि रंजन सामान्य व्यक्ति की तरह ही व्यवहार करता था और कभी भी उसके अंदर ऐसी क्रूरता के संकेत नहीं दिखे। यही कारण है कि यह घटना और भी ज्यादा चौंकाने वाली बन गई है।

बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घर, जिसे सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, वहीं अगर बच्चे असुरक्षित हो जाएं तो यह चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य और आपसी संवाद को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

निष्कर्ष

कानपुर की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक रिश्तों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। पुलिस की जांच के बाद ही इस मामले के सभी पहलू स्पष्ट हो पाएंगे, लेकिन फिलहाल यह घटना हर किसी को झकझोर कर रख देने वाली है।

मासूम रिद्धि और सिद्धि अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी दर्दनाक मौत कई सवाल छोड़ गई है—जिनके जवाब समाज और व्यवस्था दोनों को तलाशने होंगे।

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