हावीभौआर कांड :: नगर विधायक संग भाजपा दे रही सांप्रदायिकता को बढ़ावा – नजरे आलम

2

दरभंगा : आॅल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ की एक आपात बैठक क्षेत्रीय कार्यालय लालबाग में कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वसम्मती से यह निर्णय लिया गया कि आॅल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ का एक शिष्ठमण्डल रविवार को हावी भौआर गाँव का दौड़ा करेगा। श्री आलम ने कहा कि हावी भौआर में हुए साम्प्रदायिक दंगा में नगर विधायक संजय सरावगी मामले को तूल देकर दूसरे समुदाय के अन्दर दहशत और गिरफ्तारी का दबाव बना रहे हैं जो बिल्कुल ही गलत है। बिहार सरकार एवं दरभंगा जिला प्रशासन की चौकसी और तत्पर्ता के कारण हावी भौआर का मामला आगे नहीं बढ़ा और दंगाईयों के मंशा पर पानी फेरने में दरभंगा पुलिस प्रशासन पूरी तरह कामयाब रही। लेकिन नगर विधायक अपना क्षेत्र छोड़ दूसरे विधान सभा में जाकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायगा। श्री आलम ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अपना काम किया और हावी भौआर मामले को अविलम्ब काबू में कर लिया जो सराहनीय कदम है। बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री आलम ने कहा कि मिथिला का अपना एक इतिहास रहा है यहाँ रहने वाले सभी जाति धर्म के लोग आपस में भाईचारगी के माहौल में रहने पर विश्वास करते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से संकृण विचारधारा एवं मानसिकता के तत्वों द्वारा वर्षों पुरानी परंपरा को धुमिल करने पर तुले हुए हैं। यही कारण है कि पिछले दिनों मधुबनी के बाद दरभंगा के हावी भौआर में भी धार्मिक जुलूस की आड़ में दो समुदाय के बीच तनाव उत्पन्न कराने की यथासम्भव चेष्टा की गई। धन्यवाद की पात्र है दरभंगा जिला प्रशासन जिसने अपनी तत्पर्ता से असमाजिक तत्वों के मकसद पर पानी फेरने का काम किया और दंगा पर आमादह भीड़ को बलपूर्वक रोक दिया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद कानून को हाथ में लेने वाले असमाजिक तत्वों में भय का माहौल बना और वह मैदान छोड़ भागने पर मजबूर हुए। लेकिन कुछ दिनों से जिस तरह से भाजपा नेताओं नगर विधायक संजय सरावगी, गोपालजी ठाकुर, अशोक यादव आदि ने  हिंसा ग्रस्त गाँव का दौड़ा कर मामले को तूल दे रहे हैं और जेल नियमों की धज्जी उड़ा रहे हैं साथ ही दंगाईयों से मुलाकात करके उनकी पीठ ठोंक रहे हैं उससे प्रतीत होता है कि पूर्व की हिंसा कहीं न कहीं इन भाजपाई नेताओं के इशारे पर भड़काने की कोशिश की गई थी। इस पस्थिति में आॅल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ जिला प्रशासन की सराहना करती है और नफरत की सियासत के बलबूते अपनी कामयाबी का झंडा बुलन्द करने का इरादा रखने वाले उक्त भाजपाई नेताओं की भत्सर्ना करता है। वहीं श्री आलम ने कहा कि हिंसा ग्रस्त गाँव में पहुँच कर एक समुदाय विशेष से मुलाकात करना, जिला प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का भद्दा आरोप लगाना और प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के समाजिक कार्यकत्ताओं की गिरफ्तारी की माँग करना और साक्षात जेल नियमों की धज्जी उड़ाना किस तरह से न्यायसंगत हो सकता है अथवा धार्मिक दृष्टीकोण से पूण्य का काम हो सकता है समझ से परे है। भाजपा नेताओं से नम्र निवेदन है कि वह सुखचैन से रह रहे समाज के बीच तनाव उत्पन्न करने की कोशिश से बाज आऐं और सच्चे राष्ट्रप्रेमी की तरह प्रशासन, कानून और नैतिक्ता को बहाल रखने के लिए जरूर आत्मचिंतन करें।

इस संदर्भ में आपसी सौहार्द और भाईचारा का पैगाम लेकर आल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ का एक शिष्टमंडल रविवार को उक्त गाँव का दौड़ा करेगा और अपने स्तर से मामले की तह तक पहुँचने की कोशिश करेगा। बैठक में मकसूद आलम पप्पु खान, शाह इमादुदीन सरवर, विजय कुमार झा, सोनू पासवान, हुमायुं शैख, अब्दुल कुद्दूस सागर आदि बड़ी संख्या में कारवाँ के जिम्मेदार मौजूद थे।