मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव को चारों ओर से सील कर दिया है और भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की तैनाती की गई है।


घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने गांव के बाहर ही रोक दिया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे मौके पर हंगामा बढ़ गया। इस दौरान पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी, जिसके बाद अतिरिक्त बल बुलाया गया।
पुलिस की कार्रवाई से नाराज विधायक अतुल प्रधान वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना असंवेदनशीलता का परिचायक है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।

तनाव को देखते हुए प्रशासन ने गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, पीड़ित परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और बेटी की सकुशल वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं और महिला का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। नामजद आरोपियों की तलाश और किशोरी की बरामदगी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम फिलहाल जारी रहेंगे।
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