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लहचौड़ा में सनसनी: घर में घुसकर तमंचे के दम पर युवती से जेवर लूटे

रटौल क्षेत्र के लहचौड़ा गांव में एक युवती के साथ घर के अंदर घुसकर लूटपाट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही दो युवकों ने तमंचा दिखाकर उसे धमकाया, मारपीट की और सोने के कुंडल व अंगूठी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता कई दिनों तक दहशत में रही और बाद में परिजनों को जानकारी देने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।

पीड़िता शिखा (परिवर्तित नाम) के अनुसार, 14 फरवरी 2026 की शाम वह अपने घर में अकेली थी। परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी दौरान गांव के ही आसिफ और साहिल उसके घर आ पहुंचे। युवती का आरोप है कि दोनों बिना अनुमति घर में घुस आए और उससे बातचीत के बहाने अंदर आकर अचानक तमंचा निकाल लिया।

जान से मारने की धमकी देकर छीने जेवर

शिखा ने बताया कि आरोपियों ने तमंचा उसकी ओर तानते हुए जान से मारने की धमकी दी। हथियार देखकर वह घबरा गई। आरोप है कि दोनों ने जबरन उसके कानों से सोने के कुंडल और हाथ की अंगूठी उतरवा ली। जब उसने विरोध करने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट भी की गई।

युवती का कहना है कि आरोपियों ने जाते-जाते उसे चेतावनी दी कि अगर उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसके भाई को जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के कारण वह बुरी तरह सहम गई और कई दिन तक चुप रही।

डर के साये में बीते कई दिन

घटना के बाद युवती मानसिक तनाव में रही। परिवार को भी शुरुआत में कुछ नहीं बताया गया। लेकिन भीतर ही भीतर डर और आघात बढ़ता गया। आखिरकार उसने हिम्मत कर अपने पिता को पूरी घटना बताई।

पीड़िता के पिता राजेश का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो पहले गंभीरता से सुनवाई नहीं की गई। बाद में दोबारा प्रयास और दबाव बनाने पर मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

चांदीनगर थाना पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर आसिफ और साहिल के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी अतर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है।

गांव में आक्रोश और चिंता

घटना के बाद लहचौड़ा गांव में रोष का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव के ही लोग इस तरह घर में घुसकर वारदात करेंगे तो महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।

कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुलिस को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। गांव की महिलाओं में भी भय का माहौल है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। सामाजिक दबाव और धमकी के कारण कई बार पीड़िताएं तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा पातीं, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और पीड़ित को मनोवैज्ञानिक सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि वह खुलकर अपनी बात रख सके और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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