कुंभ 2019: चुनाव में भाजपा को जिताने पर केंद्रित रही धर्म संसद
राज प्रताप सिंह(उत्तर-प्रदेश राज्य प्रमुख)
प्रयागराज।विश्व हिन्दू परिषद की धर्म संसद भाजपा को लोकसभा चुनाव में जिताने पर केंद्रित रहा। मंच पर उपस्थित प्रमुख संतों ने पिछले पांच सालों में मंदिर निर्माण को लेकर कुछ नहीं करने पर केंद्र सरकार को खरी-खरी सुनाई, लेकिन साथ ही यह भी दोहराया कि मंदिर निर्माण भाजपा के शासनकाल में ही संभव है। हिन्दुत्व का एजेंडा आगे बढ़ाते हुए वक्ताओं ने कहा कि जो लोग राम के अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं, उनसे मंदिर की उम्मीद नहीं की जा सकती।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दूसरे देशों में अत्याचार सह रहे हिन्दुओं को भारत में नागरिकता देने का कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार की सराहना की। कहा, यह पहली बार हुआ। मंदिर निर्माण में विलंब पर संतों के आक्रोश को शांत करते हुए कहा कि ऐसी सरकार को आंदोलन से कठिनाई नहीं होनी चाहिए। खिन्नता छोड़, प्रगति शुरू हुई है। सनातन धर्म के विजय का काल आया है।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि हिन्दू विरोधी शक्तियां दुरभि संधि और गठजोड़ करके देश की हिन्दू शक्ति को परास्त करने का प्रयत्न कर रही है। असमंजस की स्थिति है। आंदोलन के आगे के चरणों की घोषणा करें या चुनाव में हिन्दू शक्तियों की जीत होने के बाद करें। निर्मोही अखाड़े के सचिव महंत रामजीदास ने यह कहकर केंद्र सरकार का समर्थन किया कि वह उनके साथ है।
पद्मविभूषण रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान राम से एक ही कामना है कि जन्मभूमि पर दुनिया का सबसे भव्य मंदिर बने। मन प्रसन्न नहीं है, किससे कहूं। लेकिन फिर भी मोदी सरकार को एक और मौका देना चाहिए। परमहंस दास ने कहा कि सरकार की कुछ मजबूरियां हैं, जिसे रामभक्तों को समझना होगा। मोदी रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर दें तो एक बार और सरकार बनाएंगे।
निर्मल अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ज्ञानदेव महाराज ने कहा कि मोदी राम मंदिर मसले को टाल नहीं रहे। उनकी निष्ठा पर कोई संशय नहीं है। गोविन्ददेव गिरि ने कहा कि केंद्र सरकार के हाथों ही राम मंदिर बनेगा, विरोधी पार्टियों से उम्मीद नहीं। अविचलदास ने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए सवाल किया कि क्या कोई और दल राम मंदिर निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। चुनाव में इन्हें ही मौका मिलना चाहिए। महामंडलेश्वर हरिहरानंद ने संतों से आह्वान किया कि मठ-आश्रमों से निकलकर घर-घर केंद्र सरकार का प्रचार करें। 2020 में मंदिर निर्माण शुरू होगा।
बजट में कामधेनु योजना शुरू करने का स्वागत
गोसेवा के लिए 750 करोड़ रुपये से शुरू हो रही कामधेनु योजना के लिए सरकार को सराहा गया। विहिप के अध्यक्ष वीएस कोकजे ने बताया कि शुक्रवार को प्रस्तुत बजट में इसकी घोषणा हुई है जिसका सब स्वागत करते हैं।
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