Breaking News

दहेज के दबाव में टूटी जिंदगी, वकील पति पहुंचा सलाखों के पीछे

गुरुग्राम से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। यहां एक विवाहिता ने लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 31 वर्षीय दिनेश के रूप में हुई है, जो पेशे से वकील है और पिछले तीन साल से गुड़गांव कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। वह मूल रूप से कन्हई गांव का रहने वाला है और वर्तमान में सेक्टर-79 स्थित सिग्नेचर ग्लोबल ग्रीन सोसायटी में अपनी पत्नी के साथ रह रहा था।

घटना 15 मार्च की रात की है, जब महिला अपने फ्लैट में फंदे से लटकी हुई मिली। सूचना मिलते ही खेड़कीदौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए।

मृतका के पिता और भाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में शादी के बाद से ही महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्य लगातार उस पर पैसों की मांग को लेकर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि करीब 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।

परिजनों के अनुसार, जब भी महिला इस मांग को पूरा नहीं कर पाती थी, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी उसे परेशान किया जाता था। कई बार उसे घर से निकाल दिया गया था और गंभीर रूप से पीटा भी गया था। लगातार हो रहे इस अत्याचार ने महिला को अंदर से तोड़ दिया था।

बताया जा रहा है कि घटना से पहले भी महिला काफी तनाव में थी। 15 मार्च की रात उसने अपने फ्लैट में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 16 मार्च को केस दर्ज कर लिया। परिजनों के बयान और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह पेशे से वकील है और गुरुग्राम में ही प्रैक्टिस करता था। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में अन्य ससुराल पक्ष के लोग कितने हद तक शामिल हैं।

आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि दहेज की कुप्रथा आज भी खत्म नहीं हुई है। शिक्षित और पेशेवर लोग भी इस मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। एक वकील जैसे जिम्मेदार पेशे से जुड़े व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगना समाज के लिए और भी चिंताजनक है।

मृतका के परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं, इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक महिलाएं दहेज के नाम पर इस तरह की प्रताड़ना सहती रहेंगी।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

Check Also

स्लोवाकिया के राष्ट्रपति को मिला भारत की विरासत का खास उपहार

नई दिल्ली। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों की अद्वितीय कला …

अंबाला में पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए मेगा टीकाकरण अभियान की शुरुआत, हजारों पशुओं को मिलेगा लाभ

अंबाला जिले में पशुपालन को मजबूत बनाने और पशुओं को खतरनाक बीमारियों से बचाने के …

रफ्तार की मार: अंबाला सड़क हादसे में पिता की मौत, बेटे की बची जान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हरियाणा के अंबाला शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को …