उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां गांव भूड़गढ़ी में मजदूरी के मामूली पैसे को लेकर हुए विवाद ने एक महिला की जान ले ली। बताया जा रहा है कि मजदूरी के 1400 रुपये मांगने गए युवक के साथ मारपीट हुई। जब उसकी मां उसे बचाने के लिए पहुंची तो आरोपियों ने उस पर ईंट से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला रातभर घर में ही पड़ी रही और उसके सिर से खून बहता रहा। अगली सुबह जब परिवार वालों ने उसे उठाने की कोशिश की तो वह मृत मिली। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और गुस्से का माहौल है।

मजदूरी के पैसे लेने गया था युवक
पुलिस के अनुसार भूड़गढ़ी गांव निवासी 20 वर्षीय अनिल कुमार मजदूरी का काम करता है। रविवार की दोपहर वह अपने मेहनताने के 1400 रुपये लेने गांव के ही एक युवक के पास गया था। अनिल ने कुछ दिन पहले उसके यहां काम किया था और उसी का भुगतान लेने पहुंचा था।
जब अनिल ने अपने पैसे मांगे तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और बात मारपीट तक पहुंच गई।
दो लोगों ने मिलकर की पिटाई
आरोप है कि जिस युवक से अनिल पैसे मांग रहा था उसने अपने एक साथी को भी बुला लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अनिल को पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से अनिल घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश करने लगा, लेकिन दोनों हमलावरों के सामने वह अकेला पड़ गया।
मारपीट की यह घटना गांव में ही हो रही थी और इसकी जानकारी धीरे-धीरे आसपास के लोगों तक भी पहुंचने लगी।
बेटे की मदद के लिए पहुंची मां
जब अनिल की मां लीला देवी को इस बात की जानकारी मिली कि उनके बेटे के साथ मारपीट हो रही है तो वह तुरंत वहां पहुंच गईं। 40 वर्षीय लीला देवी ने अपने बेटे को बचाने के लिए आरोपियों को रोकने की कोशिश की।
उन्होंने आरोपियों से मारपीट बंद करने और अपने बेटे को छोड़ने की अपील की, लेकिन गुस्से में आए हमलावरों ने उनकी एक नहीं सुनी।
ईंट से किया गया हमला
परिजनों के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों ने लीला देवी के सिर पर ईंट से जोरदार वार कर दिया। अचानक हुए इस हमले से उनके सिर और कान के पास गहरी चोट लग गई। चोट लगते ही उनके सिर से तेज़ी से खून बहने लगा और वह वहीं घायल अवस्था में गिर पड़ीं।
हमलावर घटना के बाद मौके से फरार हो गए।
घायल हालत में बेटे को लेकर घर पहुंचीं
चोट लगने के बावजूद लीला देवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने किसी तरह अपने बेटे को हमलावरों से छुड़ाया और उसे लेकर घर वापस आ गईं। उस समय उनकी हालत काफी खराब हो चुकी थी और सिर से लगातार खून बह रहा था।
घर पहुंचने के बाद वह बेहद कमजोर महसूस कर रही थीं और थकान के कारण चारपाई पर लेट गईं।
रातभर नहीं मिला इलाज
बताया जा रहा है कि चोट लगने के बाद भी उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। सिर की गंभीर चोट के कारण रातभर उनके घाव से खून बहता रहा।
संभवतः अत्यधिक रक्तस्राव और चोट की गंभीरता के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
सुबह चारपाई पर मिलीं मृत
सोमवार सुबह जब घर के लोग उठे तो उन्होंने देखा कि लीला देवी अभी तक चारपाई से नहीं उठीं। परिवार के लोगों ने उन्हें आवाज लगाई और जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
जब पास जाकर देखा गया तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
गांव में छा गया मातम
इस घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा था कि मामूली रकम के विवाद में एक महिला की जान चली गई।
लोगों का कहना है कि लीला देवी अपने बेटे को बचाने के लिए आगे आई थीं, लेकिन वही इस हिंसा की शिकार बन गईं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है ताकि घटना के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
एसीपी ने दी जानकारी
मसूरी क्षेत्र की एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि मृतका के परिजनों ने दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि सिर पर लगी गंभीर चोट और अधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौत हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वहां और कौन मौजूद था।
छोटी सी रकम, बड़ा नुकसान
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का सहारा लेना कितना खतरनाक हो सकता है। सिर्फ 1400 रुपये के विवाद ने एक परिवार से उसकी मां छीन ली।
न्याय की मांग
मृतका के परिवार और गांव के लोगों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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