उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar जिले में सोमवार रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों ने इलाके में सनसनी फैला दी। दोनों ही मामलों में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए खतरनाक बदमाशों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। इन घटनाओं से साफ संकेत मिला है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

पहली घटना खतौली क्षेत्र के रतनपुरी इलाके की है, जहां पुलिस हिरासत में लिया गया एक आरोपी अचानक फरार होने की कोशिश में जुट गया। आरोपी की पहचान मंजीत उर्फ काला के रूप में हुई है, जो गांव समौली का रहने वाला है और कई मामलों में पहले से वांछित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंजीत को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जब उसे मेडिकल जांच के लिए बुढ़ाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, तभी उसने पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। रास्ते में उसने शौच के लिए गाड़ी रुकवाने की बात कही। पुलिस ने उसकी स्थिति को देखते हुए गाड़ी रोकी और उसे नीचे उतारा।
यहीं से उसने भागने की साजिश को अंजाम दिया। जैसे ही वह गाड़ी से उतरा, उसने दारोगा को जोरदार धक्का दिया और उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। इसके बाद वह अंधेरे का फायदा उठाकर पास के गेहूं के खेतों में भाग गया और वहीं छिप गया।
इस घटना के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया। तुरंत इलाके की घेराबंदी की गई और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ एसओजी टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए चेतावनी दी, लेकिन उसने इसके बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मंजीत के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दारोगा से छीनी गई पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह हाल ही में एक युवक पर फायरिंग की घटना में शामिल था।
दूसरी मुठभेड़ Mirapur क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने एक कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ककरोली मार्ग पर चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन वह रुकने के बजाय तेज रफ्तार से भागने लगा।
पुलिस ने तुरंत पीछा किया और वायरलेस के जरिए अन्य टीमों को सूचना दी। कुछ ही देर में पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ देखकर आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान नजर अब्बास के रूप में हुई है, जो लंबे समय से वांछित गैंगस्टर था।
पुलिस के अनुसार, नजर अब्बास पर लगभग 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित था। उसके पास से एक तमंचा और चोरी की बाइक बरामद की गई। जांच में पता चला कि यह बाइक हाल ही में Saharanpur से चोरी की गई थी।
दोनों घटनाओं में Uttar Pradesh Police की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती से अपराधियों में डर पैदा होता है और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है।
फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का इलाज कराया जा रहा है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
कुल मिलाकर, Muzaffarnagar में हुई ये दोनों मुठभेड़ें यह दर्शाती हैं कि पुलिस अपराध पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन कार्रवाइयों से साफ संदेश गया है कि अपराध करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं है और कानून का शिकंजा उन तक जरूर पहुंचेगा।
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